महोत्सव में संगीत प्रस्तुत करती भोजपुर गायिका कल्पना पटवारी -संवाद
- फोटो : भूपेंद्र कुमार सिंह।
मगहर। महोत्सव की पांचवीं शाम भोजपुरी की मशहूर गायिका कल्पना पटवारी के नाम रही। उन्होंने भोजपुरी का जोरदार तड़का लगाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। ...एगो नेबुआ दू चार गो मिर्ची लटका ल चोटी में...प्रस्तुत कर माहौल बना दिया।
कल्पना पटवारी ने कार्यक्रम की शुरुआत कबीर निर्गुण ...कबीरा कहै ये जग अंधा... व ...जागो जागो न हो ननदिया महलिया आए चोर... गीत से की। इसके बाद कल्पना ने ...पागल कहेला न.. को खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया, तो लोग उनके स्वर से स्वर मिलाकर झूमने लगे।
भोजपुरी गायिका ने पारिवारिक गीत ...बलमुआ कैसे तेजब रे छोटी नददी... सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ...ई झुलनी के छैया बलम तूपहरिया बिताई दा हो...सुनाकर रंग जमाया। इसके बाद नदिया के पार के गीत ...कौने दिशा में... सुनाकर कार्यक्रम को ऊंचाई दी।
भोजपुरी नाइट का यह सिलसिला रविवार देर रात तक चलता रहा। उन्होंने फरमाइश पर नात पाक ...या नबी सलाम अलैका...खूबसूरत अंदाज में पेश कर सराहना बटोरी। इसके बाद पचरा, लोकगीत, छठ गीत, फिल्मी, गैर फिल्मी गीतों की प्रस्तुति कर वाहवाही बटोरी। ...एगो नेबुआ दो चार गो मिर्ची लटका ल चोटी में... व ...पानी भरे गइली रामा, नीक लाके मरद भोजपुरिया सखी... प्रस्तुत कर माहौल में रंगीनी पैदा कर दी।
कार्यक्रम के बाद महोत्सव समिति की ओर से कलाकारों को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।