राप्ती नदी में कूदे हुए व्यक्ति को निकालते हुए नाविक । संवाद
मेंहदावल। घर के लोगों से नाराज होकर अधेड़ मेंहदावल थानाक्षेत्र के करमैनीघाट से राप्ती नदी में कूद गया। संयोग था कि वहां मछुआरे मौजूद थे और उन्होंने उसकी जान बचा ली। उसको कैंपियरगंज थानाक्षेत्र की करमैनीघाट पुलिस चौकी को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों को बुलाकर उसे सौंप दिया।
धर्मसिंहवा थानाक्षेत्र के रैधरपार गांव में अपनी बहन के घर पर रह रहे 50 वर्षीय नेबूलाल रविवार की सुबह करीब 11 बजे करमैनी घाट पुल से राप्ती नदी में कूद गए। नदी में कूदते हुए उसे मछुआरों ने देख लिया। मछुआरे नाव लेकर उसे बचाने निकले तथा उसे नदी से बाहर निकाला। उसने बताया कि घर के लोगों से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया है। इसके बाद मछुआरों ने उसे गोरखपुर जनपद के कैंपियरगंज थाने की करमैनी घाट पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसके परिवार के लोगों को बुलाया तथा चेतावनी देकर परिजनों को सौंप दिया।
रिश्तेदार से नाराज होकर जान देने पहुंच गया था नेबूलाल
धर्मसिंहवा। सागरपुर मुजरी थाना पनियरा जनपद महाराजगंज निवासी नेबूलाल 15 वर्ष से अपनी बहन ऊषा पत्नी देवदीन रैधरपार धर्मसिंहवा के यहां रहता है। लोगों ने बताया कि बहन का वह अकेला भाई है। उसकी शादी नहीं हुई है। गलत लत और कोई देखभाल करने वाला नहीं होने से वह गांव की संपत्ति को बेच रहा था। औने-पौने में संपत्ति बेचने से रिश्तेदार और अन्य लोग परेशान होने लगे।
रिश्तेदारों के कहने पर नेबूलाल रैधरपार में अपनी बहन के यहां रहने लगा। बताया जा रहा है की बची संपत्ति उसने अपनी बहन के नाम से कर दी। किसी बात को लेकर शनिवार देर शाम नेबूलाल व बहन के घर के लोगों से विवाद हो गया था। वह रात में खाना भी नहीं खाया। सुबह पैदल वह करमैनी के लिए निकल गया। करमैनी पुल पर पहुंचने के बाद राप्ती नदी में छलांग लगा दी।