संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के जातेडीहा दुबौलिया गांव निवासी किशोर के अपहरण का मामला एसपी संदीप कुमार मीना की जांच में झूठा पाया गया। छात्र ने पढ़ाई के दबाव से अपने ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर परिजनों को गुमराह किया। अपहरण की कहानी झूठी मिलने पर पुलिस टीम ने राहत की सांस ली।
अपहरण के संबंध में किशोर का वीडियो वायरल होने पर एसपी संदीप कुमार मीना ने मामले की जांच के लिए दुधारा पुलिस को आदेश दिया। पुलिस ने मामले की गहन जांच की तो मोहम्मद जैद के परिजन (चाचा) नूरूल होदा खान ने 16 जनवरी को लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि मोहम्मद जैद पढ़ाई-लिखाई के दबाव से भयभीत रहता था। पढ़ाई में मन न लगने के कारण वह अपनी बुआ के यहां गुजरात जाने की योजना बना रहा था। 13 जनवरी को लगभग तीन बजे वह ट्यूशन जाने के बहाने साइकिल लेकर घर से निकला। रास्ते में साइकिल पंचर हो गई। साइकिल को दुधारा कस्बे में एक मिस्त्री की दुकान पर छोड़ दिया। वहां से टेंपो से बस्ती रेलवे स्टेशन पहुंच गया। इसके पश्चात उसने लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेन पकड़ ली। घर पर डांट पड़ने के भय तथा पैसों की कमी के कारण मोहम्मद जैद ने ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री के मोबाइल फोन से परिजनों को अपहरण की मनगढ़ंत कहानी बताई। जिससे वह भयभीत हो गए। पुलिस जांच में अपहरण की कोई घटना नहीं पाई गई।
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यह था मामला
जातेडिहा दुबौलिया थाना दुधारा क्षेत्र का 14 वर्षीय मोहम्मद जैद ने अपने परिजनों को फोन से सूचना दी कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने रुमाल में बेहोशी की दवा सुंघाकर उसका अपहरण कर लिया। उसे बस्ती रेलवे स्टेशन ले जाया गया। उसने यह भी बताया कि होश आने पर वह मौका देखकर वहां से भाग निकला और ट्रेन से गोंडा पहुंच गया है। इस सूचना पर परिजन गोंडा पहुंचे और गोंडा चाइल्ड लाइन के माध्यम से किशोर को सकुशल घर ले आए।