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अब परिषदीय स्कूलों का बनेगा राशन कार्ड

Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
Sant kabir nagar
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संतकबीरनगर। अब परिषदीय स्कूलों का भी राशन कार्ड बनाया जाएगा। कोटेदार द्वारा एमडीएम के भोजन के लिए स्कूलों पर दिए जाने वाले खाद्यान्न का पूरा ब्योरा राशन कार्ड पर दर्ज किया जाएगा। ताकि कोई भी शिक्षक यह न कह सके कि उसके राशन नहीं मिला है। लखनऊ में एमडीएम प्राधिकरण की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया है। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों पर बच्चों को पका पकाया भोजन एमडीएम के तहत दिया जाता है। जिसके सरकार द्वारा कोटेदार के माध्यम से राशन के तौर पर गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जाता है। बता दें कि प्रत्येक तीन माह पर परिषदीय स्कूलों के खाद्यान्न का उठान होता है। जिसकी सूचना शिक्षकों को एसएमएस के माध्यम से एमडीएम सेल द्वारा बताया जाता है। अक्सर हेडमास्टर यह शिकायत करते है कि उन्हें राशन नहीं मिला या कम मिला। राशन नहीं मिलने का बहाना बनाकर स्कूलों पर भोजन बनाना बंद कर देते है। इसकी शिकायत लगातार प्राधिकरण तक पहुंचती रही। पिछले दिनों प्राधिकरण के निदेशक श्रद्धा मिश्रा की अध्यक्षता में प्रदेश भर के एडी बेसिक स्तर के अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें भारतीय खाद्य निगम से उठान किए गए खाद्यान्न को विद्यालय तक न पहुंचने पर व समस्या का निस्तारण के लिए एक प्रस्तावित व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिसमें उपस्थित अधिकारियों ने सहमति व्यक्त की कि विद्यालय स्तर पर राशन कार्ड की भांति खाद्यान्न प्राप्ति पंजिका रखी जाए। जिस पर खाद्यान्न उठान से संबंधित सभी रिकार्ड लिखे जाए ताकि कोई शिक्षक यह न कह पाए कि उन्हें राशन कम मिला या नहीं मिला है।
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राशन कार्ड बन जाने के बाद शिक्षक खाद्यान्न न मिलने की शिकायत नहीं कर सकेंगे। या अगर उन्हे खाद्यान्न नहीं मिला है तो वे राशन कार्ड लेकर एमडीएम सेल में भी संपर्क कर सकते है। सूत्रों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही स्कूलों का राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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