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दो घंटे चली वार्ता, नतीजा शून्य

Sun, 06 Jul 2014 05:30 AM IST
Sant kabir nagar
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संतकबीरनगर। बखिरा कस्बे में तीन दिन पहले दो पक्षों में जमीन संबंधी विवाद हो गया था। इसे सुलझाने के लिए एसपी अतुल शर्मा ने पहल की। शनिवार को पुलिस ऑफिस में दोनों पक्षों को बुलाकर बैठाया। आपस में बातचीत के माध्यम से समस्या का हल निकालने की पूरी कोशिश की। करीब दो घंटे तक वार्ता चली लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके पूर्व सपा विधायक अब्दुल कलाम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और अपनी बात रखी।
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बखिरा कस्बे के नई बाजार में स्थित मस्जिद के पास गलियारे की जमीन को लेकर गुरुवार को दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे। सूचना पर तत्काल प्रशासन हरकत में आया और मौके पर डीएम और एसपी पहुंचे थे। तनाव को देखते हुए मौके पर पीएसपी और सिविल पुलिस तैनात कर दी गई है। इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से 56 नामजद समेत सैकड़ों के खिलाफ डकैती, सेवन क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट का केस दर्ज है। जबकि सड़क जाम करने के मामले भी पुलिस ने 10 नामजद समेत सैकड़ों पर केस दर्ज किया था।
शनिवार को एसपी अतुल शर्मा ने दोनों पक्षों को शाम को एसपी ऑफिस बुलाया। अयोध्या पक्ष से विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष वेद सिंह, आनंद शंकर पाठक, राजकुमार कसेरा, अवध नरेश कसेरा आदि पहुंचे। जबकि दूसरे पक्ष से लेडुआ-महुआ के प्रधान शमीम, पीस पार्टी के जिलाध्यक्ष इमामुद्दीन अंसारी आदि उपस्थित हुए। एसपी के समक्ष दोनों पक्षों ने वार्ता किया। अयोध्या और प्रधान शमीम ने अकेले में भी बातचीत की। बाद में प्रधान शमीम और अयोध्या ने एसपी से बताया कि गलियारे की जमीन में ढाई गुडे़ तीन फीट में मूत्रालय बनाने और मस्जिद के अंदर से रास्ता निकालने की बात हुई है। कुछ देर बाद अयोध्या ने जब अपनी तरफ से खिड़की निकालने का जिक्र किया तो एसपी ने पहले की गई बात से मुकरने पर कड़ा तेवर दिखाया।
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विहिम के जिलाध्यक्ष वेद सिंह ने कहा कि जो सहमति बन रही है, उस पर दूसरे पक्ष से ठीक प्रकार से चर्चा हो जाए, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न रह जाए। उसी बीच सपा के जिलाध्यक्ष राम नरायन यादव, सपा के मेंहदावल विधायक लक्ष्मकांत उर्फ पप्पू निषाद, धनघटा विधायक अलगू चौहान, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, पूर्व जिलाध्यक्ष गौहर अली खां, पूर्व जिला पंचायत सदस्य इसहाक अंसारी, प्रदीप सिंह, अब्दुल गफ्फार आदि एसपी कार्यालय में प्रवेश किए। उसी दौरान हिंदु संगठनों के नेता कक्ष से बाहर चले गए। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने कहा कि मस्जिद 400 वर्ष पुरानी है। वहां पर जो व्यवस्था पहले से चली आ रही है, उसी को कायम रखा जाए। सपा नेताओं ने 2004 में बखिरा में हुए दंगे की घटना जिक्र करते हुए प्रशासन को सख्त रवैया अपनाने को कहा। एसपी ने तत्काल कहा कि आपसी सहमति से यदि मामले का हल नहीं निकलेगा तो प्रशासन अपने तरीके से जो सही होगा वहीं करेगा। कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं दिया जाएगा।
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सपा जिलाध्यक्ष राम नरायन यादव ने कहा कि कोई नई व्यवस्था स्थापित न होने दी जाए। उसी में सबकी भलाई है।
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