संतकबीरनगर। शुक्रवार की शाम से बारिश शुरू हुई और शनिवार की दोपहर तक लगातार रुक-रुक कर होती रही। दोपहर बाद जब मौसम साफ हुआ, तब जाकर शहर में कुछ रौनक दिखी। बारिश के चलते सड़क की पटरियों पर पानी और कीचड़ जमा हो गया। खास कर मुखलिसपुर पुलिस बूथ से लेकर रेलवे क्रासिंग के उस पार तक सड़क पर कीचड़ के चलते राहगीरों का पैदल चलना मुश्किल था।
दोपहर बाद जब धूप निकली तो लोगों ने राहत महसूस की। शहर की मुख्य सड़क गोला बाजार, टीचर्स कॉलोनी के सामने, जूनियर हाईस्कूल के सामने सड़क की पटरी पर पानी पसर गया। मुखलिसपुर रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के चलते खुदाई होने की वजह से सड़क पर कीचड़ पसर गया था। लगभग दो सौ मीटर की दूरी तक कीचड़ की वजह से राहगीरों को आवागमन करने में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दिलीप अग्रहरि, बजरंगी लाल विश्वकर्मा, राधेश्याम, गुड्डू आदि का कहना है कि बारिश के चलते काफी दिक्कत हुई।
गेहूं की फसल को नुकसान
हैंसर। बरसात और तेज गति से चली हवा ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। वही सरसों, मटर, अरहर, चना के फूलों को झाड़ कर रख दिया। असमय हो रही बारिश से किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल बाढ़ के कारण चली गयी अब गेहूं को बरसात निगल रही है। पिछले सप्ताह हुई बरसात की नमी अभी खेतों से नहीं जा सकी थी कि शुक्रवार के देर शाम आसमान में गरजते बादल मुसलाधार बारिश करने लगे।
सरसों और अरहर की फसल बर्बाद
धनघटा। बारिश और तेज हवाओं से आम जन जीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ ही किसान चिंतित हो उठे हैं। गेहूं, सरसों, अरहर आदि की तैयार फसलें जमीदोज हो गई है। धनघटा तहसील क्षेत्र ही नहीं वरन समूचे जनपद में शुक्रवार की देर शाम आसमान में काले बादल छा गए। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने लगी। अचानक खराब हुए मौसम से जहां किसानों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी हैं। वहीं आम आदमी परेशान हो उठा है।