हैंसर। घाघरा नदी के विकराल रूप से तबाह हो चुके धनघटा तहसील के भिखारीपुर, तुर्कवलिया नायक और अशरफपुर गावं के ग्रामीण एमबीडी बांध का मरम्मत कार्य शुरू न होने से चिंतित हैं। ग्रामीणाें का कहना है कि बांध कटे 5 माह का समय बीत गया है। लेकिन अभी तक मरम्मत कार्य शुरू न करके प्रशासन के लोग नदी को आबादी की तरफ बढ़ने का अवसर दे रहे हैं।
घाघरा नदी ने गत मार्च माह में कटान शुरू करके पहले तुर्कवलिया नायक गांव के किसानों की खेती काट कर उसके बाद बंधे के दक्षिण स्थित 26 घरों को धारा में विलीन कर लिया। नदी की कटान को रोकने के लिए प्रशासन कार्य तो शुरू किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नदी ने एमबीडी बांध को एक अगस्त को काट डाला। उसके बाद कटान से भिखारीपुर, अशरफपुर के सैकड़ों मकान नदी की धारा में समा गए। तमाम परिवार इस त्रासदी का दंश झेलते हुए इस कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। ग्रामीण रामप्रकाश यादव, केदार, रामपराग, रामनरेश, विजई, नंदलाल, पारस, हरीशचंद्र आदि का कहना है कि बांध को कटे पांच माह का समय बीतने को है लेकिन अभी तक 2 किलोमीटर में कटे बांध को बांधने का कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों ने कहा कि बांध का मरम्मत शुरू न किये जाने से डर लगने लगा है कि कहीं नदी बढ़ने के बाद बांध बाधने का कार्य शुरू किया जाय और नदी की बेग के आगे प्रशासन एक बार फिर न बौना साबित हो। दूसरी तरफ सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरडी यादव ने कहा कि बांध बांधने के लिए स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से धन अवमुक्त होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।