संतकबीरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को टीईटी का प्रमाणपत्र न मिलने से नाराज उर्दू अभ्यर्थियों ने डायट प्राचार्य का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने टीईटी प्रमाणपत्र न दिए जाने पर डीएम कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी है। प्राचार्य ने एक हफ्ते का समय मांगा जिसके बाद अभ्यर्थी माने और घेराव समाप्त किया।
1996 में मोअल्लिम-ए-उर्दू उपाधि धारक अभ्यर्थी टीईटी का प्रमाणपत्र लेने के लिए डायट कार्यालय पर पहुंचे। लेकिन वहा पर उन्हें बताया गया कि उनके अंकपत्र पर 11 अगस्त 1997 की तिथि दी गई है इस लिए उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। जिस पर अभ्यर्थी नाराज हो गए और प्रमाणपत्र दिए जाने की मांग लेकर प्राचार्य को घेर लिया। अभ्यर्थी जुनेद अहमद ने कहा कि 1996 में मोअल्लिम-ए-उर्दू पास डिग्री धारकों को 29 अक्टूबर को टीईटी प्रमाणपत्र दिया गया लेकिन आज नहीं दिया जा रहा है। यह कहा जा रहा है कि अंकपत्र पर 11 अगस्त 1997 की तिथि अंकित है जबकि शासनादेश है कि अंकपत्र की तिथि न देखकर परीक्षा उत्तीर्ण होने की तिथि देखी जाए लेकिन डायट कार्यालय इस बात की अनदेखी कर रहा है। अभ्यर्थियों ने डायट प्राचार्य से प्रमाणपत्र दिए जाने की मांग की और न मिलने पर डीएम कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी। प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल ने अभ्यर्थियों से प्रमाणपत्र दिए जाने के मामले में एक हफ्ते का समय मांगा जिसके बाद अभ्यर्थी माने और घेराव समाप्त किया। इस दौरान फैजान अहमद, मुश्ताक अहमद, अब्दुल मन्नान, जुबेर अहमद, अब्दुल रहमान, रफी अहमद, रजी अहमद, सनाउल्लाह आदि मौजूद रहे।