संतकबीरनगर। धनतेरस की तैयारियां तेज हो गई हैं। धनतेरस के दिन लोग नए वस्त्र, आभूषण, बर्तन, वाहन आदि की खरीदारी करते हैं ताकि स्थिर लक्ष्मी का वास हो और नीरोगता के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। चतुर्दशी को यम को दीप देना तथा हनुमत जयंती, जबकि कार्तिक कृष्ण अमावस को दीपावली पर्व मनाते हुए सायंकाल दीप जलाकर गणेश, लक्ष्मी, कुबेर की पूजा करते हुए घर में धनधान्य की प्रचुरता रहे इसकी आकांक्षा करते हैं।
पंडित वाचस्पति द्विवेदी ने बताया कि त्योहार का भौतिक दृष्टि से महत्व है ही इसका मनौवैज्ञानिक महत्व भी है। पर्व से अंत:करण में आनंद के क्षण आते हैं, जिससे जीवन की एकरसता भंग हो जाती हैै। अवसाद खत्म होता है जिससे मन को शांति मिलती है।। पर्व में प्रकृति में होने वाले परिवर्तन का लाभ व्यक्ति को मिले इसका उपाय भी इसमे छिपा है। खलीलाबाद शहर के गोलाबाजार सहित अन्य जगहों पर धनतेरस को लेकर बाजार सजने लगे हैं। वहीं लोग वस्त्रों और अन्य सामानों की खरीदारी करने की तैयारी तेज कर दिए हैं।