संतकबीरनगर। जिला मुख्यालय पर बुधवार को विभिन्न मदरसों के उलेमाओं ने बैठक की। जिसमें पूर्व विधायक अब्दुल कलाम को फिर से सपा से सांसद का प्रत्याशी घोषित करने की मांग की गई। उलेमाओं ने कहा कि कलाम को टिकट नहीं मिला तो इसका परिणाम समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
मौलाना मंसूर साहब की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मौलाना इदरीश साहब ने कहा कि पूर्वांचल की 23 लोकसभा सीटों में से एक भी मुस्लिम प्रत्याशी न बनाना सपा का ऐसा कदम है जिसका जवाब उन्हें लोकसभा चुनाव में मिलेगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग की कि संतकबीरनगर लोकसभा सीट से अब्दुल कलाम को टिकट दिया जाए। मौलाना सहरे आलम खां ने कहा कि 1947 से लेकर आज तक संतकबीरनगर सीट से कोई मुस्लिम उम्मीदवार नहीं था। अब्दुल कलाम को टिकट मिला तो लगा कि यहां से एक मुस्लिम प्रतिनिधित्व करेगा, लेकिन उनका टिकट काट दिया गया। उलेमाओं के पीछे बहुत बड़ी जमात है इसका खामियाजा सपा को चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
संचालन कर रहे रुस्तम खान ने कहा कि सपा नेतृत्व हर हाल में अब्दुल कलाम को प्रत्याशी बनाए। संसदीय सीट पर 25 प्रतिशत अल्पसंख्यक मतदाता हैं, जो प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे। मुस्लिम समुदाय कलाम को ही अपना नुमाइंदा मानता है, इस लिए कलाम का टिकट बहाल नहीं हुआ तो लोकसभा चुनाव में राइट टू रिजेक्ट का भी प्रयोग किया जा सकता है। बैठक में मौलाना अफजल हुसेन, मौलाना अतीक मुजाहिरी, मौलाना हामिद साहब, मौलाना मंसूर साहब, हाफिज सुबै रहमत, मौलाना अबुसे, हाजिर मोहम्मद जुबेर, मोहम्मद शमीम, अबरार अहमद, शमसीर अहमद, मोहम्मद सैर आलम, मोहम्मद हसन, अब्दुलख् मौलाना अफजाल सहित अन्य मौलाना और मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे।