संतकबीरनगर। फूड सेल वाराणसी की जांच में सेमरियावां विकास खंड के पचदेउरी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण में घोर अनियमितता पाई गई है। इसमें कोटेदार, वितरण प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले क्षेत्रीय लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) तथा प्रशासनिक समिति के दो सदस्य दोषी पाए गए हैं। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जांच पड़ताल में शिथिलता बरतने वाले एक तत्कालीन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
डीएम इंद्रवीर सिंह यादव के मुताबिक सेमरियावां क्षेत्र के एक व्यक्ति ने फूड कमिश्नर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले अनाज का ठीक प्रकार से वितरण न किए जाने की शिकायत की थी। जिसमें एक तत्कालीन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाया था। क्षेत्र के बढ़यामाफी, पचदेउरी समेत कुछ अन्य गांवों की शिकायत की थी। फूड कमिश्नर ने मामले की जांच फूड सेल वाराणसी शाखा को दिया था। फूड सेल ने पचदेउरी ग्राम पंचायत के उचित दर विक्रेता के दुकान की जांच की। फूड सेल की जांच में बीपीएल योजना के अनाज को उपभोक्ताआें में वितरण न करना, अंत्योदय योजना के अनाज को 5 किलो ग्राम कम वितरित करना तथा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लेना पाया। अनुचित लाभ कमाने के लिए वितरण के संबंध में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की बात जांच में पाई गई। वितरण में कोटेदार समीउन्निशा को अनियमितता का दोषी ठहराया और वितरण प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले क्षेत्रीय लेखपाल कौशल, ग्राम विकास अधिकारी कृष्णदेव मिश्रा सेमरियावां तथा प्रशासनिक समिति के सदस्य अब्दुल वाहिद व निसार अहमद निवासी पचदेउरी को भी दोषी माना है। इन लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराने की संस्तुति की। इसके अलावा तत्कालीन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी देवमणि मिश्र को जांच पड़ताल में शिथिलता बरतने का दोषी ठहराया है। इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। जबकि फूड कमिश्नर ने जांच में शिथिल रवैया अपनाने वाले तत्कालीन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी देवमणि मिश्र को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम ने बताया कि पचदेउरी के उचित दर विक्रेता समीउन्निशा, क्षेत्रीय लेखपाल कौशल, ग्राम विकास अधिकारी कृष्णदेव मिश्र तथा प्रशासनिक समिति के सदस्य अब्दुल वाहिद व निसार अहमद के खिलाफ जालसाजी और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश डीएसओ दे दिया है। इसके अलावा पचदेउरी के उचित दर विक्रेता का अनुबंध पत्र निरस्त किए जाने का भी निर्देश दिया है।