संतकबीरनगर। विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित जिला पंचायत की बैठक में अधिकारियों के आने से नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। जिसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया।
विकास कार्यों पर चर्चा करने के लिए जिला पंचायत की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई थी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानमती दुषाद, सीडीओ एसएन तिवारी और परियोजना निदेशक वीरेंद्र पांडेय मौजूद थे। इसके अलावा अन्य किसी भी विभाग के अधिकारी नहीं आए। सभी ने अपनी जगह प्रतिनिधि को भेजा था। बैठक शुरू होते ही जिला पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों के न आने पर नाराजगी जताई। सदस्य संघ के अध्यक्ष केडी यादव ने अधिकारियों की जगह उनके प्रतिनिधियों के आने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिसका सभी सदस्योें ने मेज थपथपा कर एक मत से समर्थन किया। केडी यादव ने कहा कि बैठक में अधिकारियों का न आना अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही दर्शाता है। अधिकारियोें के न आने से जिले के विकास से संबंधित बातों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। यह हाल एक बैठक का नहीं है। जब भी जिला पंचायत की बैठक होती है तो अधिकारी नहीं आते हैं और अपनी जगह प्रतिनिधि भेज देते हैं। इसलिए इस बैठक का कौई औचित्य नहीं है। जबकि जिले के सारे विभागों को जिला पंचायत की स्वीकृति के बाद ही धन उपलब्ध कराया जाता है। जिला पंचायत सदस्यों की अधिकारियों द्वारा उपेक्षा की जा रही है। अभी तक जिला पंचायत सदस्यों को बैठने के लिए अधिकारियों द्वारा जगह नहीं खाली कराई गई। उन्होंने बैठक का बहिष्कार करने का एलान किया। जिसका सभी सदस्यों ने एक मत से समर्थन किया। जिसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानमती दुषाध ने बैठक को स्थगित कर दिया। इस दौरान मोहम्मद अहमद, पंचराम यादव, सुबाष पांडेय, तारिक हुसेन, छेदी यादव, सलामुल्लाह सिद्दीकी, बाबूलाल यादव, जहीर खान, राकेश गौतम, आरती देवी सहित अन्य जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।