संतकबीरनगर। इंडिया मार्क-टू हैंडपंप लगाने का ठेका नियम विरुद्ध तरीके से अपने चहेते ठेकेदार को उपलब्ध कराए जाने के मामले में जलनिगम में तैनात रहे एक्सईएन रामलोचन फंस ही गए। जांच में मामला उजागर होने पर डीएम ने प्रबंधक निदेशक जलनिगम को पत्र भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की है। यही नहीं, इस समय तैनात एक्सईएन की लापरवाह कार्यशैली से नए हैंडपंपों को लगाने में देर हो रही है। कार्रवाई की जद में वर्तमान एक्सईएन भी आ सकते हैं।
वित्तीय वर्ष 2012 -13 में 450 इंडिया मार्क-टू हैंडपंप लगाए जाने एवं 450 रिबोर हैंडपंप की सूचना पूर्व एक्सईएन जलनिगम रामलोचन के जरिए डीएम को दी जाती रही। जबकि वर्तमान एक्सईएन आरबी श्रीवास्तव के जरिए 380 नए इंडिया मार्क-टू हैंड पंपों की सूची उपलब्ध कराई गई। डीएम ने सत्यापन कराया तो 298 नए इंडिया मार्क-टू हैंडपंप ही लगे पाए गए। इस सूची में 20 हैंडपंप ऐसे पाए गए जो पिछले साल लगाए गए थे। ऐसे में पाया गया कि 82 हैंडपंप लगाए ही नहीं गए हैं। 298 हैंडपंपों में सिर्फ 168 हैंडपंपों का चबूतरा और नाली बनी पाई गई। शेष 150 जगह चबूतरा और नाली नहीं बनी है।
( पूर्व एक्सईएन रामलोचन के जरिए वित्तीय वर्ष 2012-13 में 450 रिबोर कराए गए हैंडपंपों के सापेक्ष वर्तमान एक्सईएन आरबी श्रीवास्तव ने 213 हैंडपंपों की सूची सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई। सत्यापन में 167 इंडिया मार्क-टू हैंड पंप रिबोर हुए पाए गए। जबकि अभी तक 48 इंडिया मार्क टू हैंडपंप रिबोर नहीं कराए गए हैं। जिन 167 रिबोर कराया जाना पाया गया है उनमें मात्र 93 हैंडपंपों पर चबूतरा व नाली बनी है। शेष 74 जगहों पर अभी भी चबूतरा व नाली नहीं बनी है। डीएम राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व एक्सईएन रामलोचन के जरिए दी गई सूची और वर्तमान एक्सईएन के जरिए प्रेषित किए गए आंशिक सूचियों के सत्यापन में यह कमियां पाई हैं। शेष सूचियों के प्राप्त होने की दशा में सत्यापन में अभी और हैंडपंपों के लगने और रिबोर न होने की संभावनाएं हैं। ) ---- बड़ी पड़ने पर इस भाग को हटा सकते हैं।
डीएम ने कहा कि पूर्व में तैनात रहे एक्सईएन रामलोचन ने नियम से परे बिना टेंडर के अपने चहेते ठेकेदार को हैंडपंपों के लगाने और रिबोर करने के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस काम में काफी अनियमितता पाई गई। इनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रबंधक निर्देशक जलनिगम उत्तर प्रदेश को पत्र भेजा गया है। डीएम ने कहा कि इस समय तैनात एक्सईएन आरबी श्रीवास्तव के जरिए विभिन्न ब्लाकों में 617 इंडिया मार्क टू हैंडपंपों की सूची उपलब्ध कराई गई। मानक स्थल चयन की कार्रवाई में काफी विलंब किया गया है। जिसके चलते जिले में हैंडपंप स्थापना कार्य में विलंब हो रहा है। इसके लिए वर्तमान एक्सईएन को भी जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।