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अब कौन संवारेगा मासूम का भविष्य

Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
Sant kabir nagar
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हैंसर/संतकबीरनगर। किस्मत ने मासूम राजपाल के साथ गजब का खेल खेला। मां मुराती मंदबुद्धि है और पिता राजेंद्र की मौत हो गई। अब उसकी ठीक प्रकार से देखभाल कौन करेगा, उसका भविष्य कौन संवारेगा यह सोच कर गांव वाले चिंतित हैं।
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गागरगाड़ गांव निवासी जोखन के एकलौते बेटे राजेंद्र की 10 साल पूर्व मुराती देवी के साथ शादी हुई थी। मुराती जब ससुराल आई थी तो ठीक थी। वर्ष 2007 में अचानक बीमार पड़ने के बाद उल्टी- सीधी हरकत करने लगी। गांव वाले उसे मानसिक रोग से पीड़ित बता रहे हैं। वर्ष 2009 में मुराती ने एक बच्चे को जन्म दिया तो पति राजेंद्र के जीवन में खुशियां लौट आईं। राजेंद्र अपने बेटे का नाम राजपाल रखा और मां-बाप दोनों का प्यार देने लगा। बडे़ लाड़ प्यार से बेटे को पाल रहा था। बेटे की देखरेख वह खुद करता था। गुरुवार को गांव के बगल पोखरे में राजेंद्र की लाश मिली। शव देखने जुटी भीड़ मासूम राजपाल को देख कर आहत थी। मासूम को क्या पता कि उसके पिता का साया सिर से उठ गया है। गांव के लोग यहीं कह रहे थे कि मासूम राजपाल का पालन पोषण अब कौन करेगा। पिता रहा नहीं और मां मंदबुद्धि है। मेहनत मजदूरी करके राजेंद्र बीवी और बच्चे का पेट पाल रहा था।
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