मेंहदावल। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील इकाई ने बुधवार को संघ के स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाई। लेखपालों ने शासकीय दायित्वों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन का संकल्प लेते हुए संघ की मजबूती पर जोर दिया।
तहसील सभागार में सबसे पहले एसडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि लेखपाल संवर्ग ही प्रशासन की रीढ़ हैं। बिना इनके शासन का संचालन अकल्पनीय है। वास्तव में राजस्व विभाग की गरिमा और अनुशासन की जड़ लेखपाल ही हैं। विशिष्ट अतिथि संत प्रसाद ने कहा कि लेखपाल संवर्ग खुद को दीनहीन न समझकर समाज के जरूरतमंदों की सेवा कार्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने संघ के सफलता की कामना करते हुए कहा कि लेखपाल संघ का हाथ, किसान-मजदूर और मजलूम के साथ। समारोह में अन्य वक्ताओं ने भी संघ की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसमें संघ के पदाधिकारियों ने उपस्थित लेखपालों को आश्वासन दिया कि लेखपाल संवर्ग के सुदृढ़ीकरण का प्रयास करने में संघ तन्मयता से संघर्ष करेगा। इसमें लेखपाल संवर्ग का प्राथमिक वेतनमान बढ़वाने और 10, 15 और 20 वर्ष के सेवाकाल की पूर्ति के बाद राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार का वेतनमान देने की मांग सबसे महत्वपूर्ण है। अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष परशुराम यादव और संचालन तहसील मंत्री श्रवण कुमार ने किया। इस अवसर पर लक्ष्मीकांत सिंह, रामचंद्र पाल, वरिष्ठ जिलाउपाध्यक्ष दयाराम तिवारी, सुधीर कुमार, तहसील अध्यक्ष शेषदत्त त्रिपाठी, राजेंद्र प्रसाद, सुरेश प्रसाद, सरेंद्रनाथ मिश्र, पूर्णमासी, अब्दुल सत्तार, ज्वाला सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।