संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन में पैसे का खेल जमकर चल रहा है। हालत यह हो गई है कि जो पैसा दे रहे हैं उन्हें तो मन मुताबिक तैनाती मिल रही है और जो नहीं दे रहे हैं, उन्हें दरकिनार कर दिया जा रहा है। इसको लेकर शिक्षकों और शिक्षक संगठनों में रोष व्याप्त है। शिक्षक नेताओं ने समायोजन में पारदर्शिता न होने पर आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली है।
परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन में पैसे का खेल कोई नया नहीं है। बेसिक शिक्षा सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षकोें के समायोजन और पदोन्नति किए जाने का आदेश जारी किया था। 20 जुलाई तक पदोन्नति होनी था लेकिन पदोन्नति में देर होने के कारण बेसिक शिक्षा सचिव ने पदोन्नति पर रोक लगाते हुए 30 जुलाई तक समायोजन करने का निर्देश दिया है। जिसके क्रम में समायोजन की प्रक्रिया चल रही है। जिले के चार ब्लाक सामान्य की श्रेणी में रखे गए हैं। बाकी पांच ब्लाक पिछड़ा श्रेणी में रखे गए हैं। शिक्षक एक ब्लाक से दूसरे ब्लाक में आने के लिए जुगाड़ लगाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि समायोजन का रेट तय कर दिया गया है। जिन शिक्षकों को अच्छी जगह तैनाती चाहिए, उन्हें कुछ अधिक जेब ढीली करनी होगी। शिक्षकों के समायोजन को लेकर कुछ लोगों ने ठेका भी ले लिया है। सूत्र बताते हैं कि विभाग का एक अधिकारी भी समायोजन के खेल में जुटा हुआ है। पिछली बार तो समायोजन और पदोन्नति के चक्कर में शिक्षा विभाग के बाबू और शिक्षकों में मारपीट तक हो गई थी। जिसको लेकर कई दिनाें तक बीएसए कार्यालय में धरना प्रदर्शन तक चला था, लेकिन बाद में मामला सुलझ गया था।
सत्ता पक्ष के नेता कर रहे सिफारिश
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकोें के समायोजन में सत्ता पक्ष के नेता भी पीछे नहीं हैं। शिक्षक अपनी पहुंच की बदौलत सत्ता पक्ष के नेताओं से जुगाड़ लगा रहे हैं। यहां तक कि वे बीएसए कार्यालय में पहुंचकर बीएसए से सत्ता पक्ष के पदाधिकारियों से मोबाइल पर बातचीत करवा रहे हैं। बीएसए कार्यालय पर नेताओं की चहलकदमी तेज हो गई है।
गलत तरीके से समायोजन हुआ तो होगा आंदोलन : नरसिंह
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह कुमार यादव का कहना है कि गलत तरीके से समायोजन हुआ तो धरना प्रदर्शन होगा। धनउगाही का कार्य कर रहे लोगों से संगठन सख्ती से निपटेगा। किसी भी हाल में गलत समायोजन नहीं होने दिया जाएगा।
शासनादेश के तहत होगा समायोजन : बीएसए
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह का कहना है कि शासनादेश के तहत जो भी शिक्षक आएगा, उसका समायोजन किया जाएगा। समायोजन के नाम पर पैसा लेने वालों का प्रकरण सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में शासन की मंशा के विपरीत समायोजन नहीं किया जाएगा। शिक्षक धनउगाही करने वालों के प्रति सचेत रहें।