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13 दिन में हुई सिर्फ 95 क्विंटल गेहूं की खरीद

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13 दिन में हुई सिर्फ 95 क्विंटल गेहूं की खरीद
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सरकारी क्रय केंद्रों पर इंतजार, अधिक दाम देकर आढ़तिए खरीद ले रहे
2015 रुपये है खरीद केंद्रों पर गेहूं का भाव
2100 रुपये घर पहुंचकर दे रहे हैं आढ़तिए
48,000 मीट्रिक टन खरीद का सरकारी लक्ष्य
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र खुले हुए हैं और किसान आढ़तियों के हाथ उपज बेच रहे हैं। वजह यह कि सरकारी समर्थन मूल्य के सापेक्ष बाजार भाव अधिक है। केंद्र सक्रिय हुए 13 दिन गुजर गए और अब तक सिर्फ 95 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो पाई है।
रबी विपणन वर्ष 2022-23 में जिले में 48,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। खरीद के लिए कुल 55 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 12, पीसीएफ के 38 एवं पीसीयू के पांच क्रय केंद्र हैं। सरकारी गेहूं का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2015 रुपये निर्धारित है। अब तक जिले में कुल 2745 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। किसानों को 72 घंटे के भीतर पीएफएमएस के माध्यम से भुगतान किए जाने के निर्देश हैं। पहली अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद की जाना है। अभी तक सिर्फ पीसीएफ के एक क्रय केंद्र पर 95 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र सक्रिय है,लेकिन किसान गेहूं की उपज सरकारी केंद्र पर बेचने से कतरा रहे है। समर्थन मूल्य से अधिक देकर आढ़तिए किसानों के घरों पर पहुंच कर गेहूं खरीद ले रहे हैं। किसान अतुल पांडेय ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। भुगतान पाने में भी काफी पापड़ बेलना पड़ता है। सरकारी समर्थन मूल्य भी बाजार भाव से कम है। ऐसे में आढ़तिए के हाथ गेहूं बेचना किसान मुनासिब समझ रहे हैं। किसान हरिश्चंद्र चौधरी, प्रयाग, वाजिद अली, हरिलाल, साकेत मणि त्रिपाठी, राम उजागिर राजभर आदि ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रक्रिया अपनाने के बाद भी नंबर भी लगाना पड़ता है। गेहूं की सरकारी दर बाजार भाव से कम है। आढ़तिए 2100 रुपये प्रति क्विंटल देकर किसानों के घर पहुंच कर गेहूं खरीद ले रहे हैं। रकम भी तुरंत मिल जा रही है।
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कोट
पिछले वर्ष भी 13 अप्रैल के बाद ही गेहूं की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर शुरू हुई थी। वैसे अभी तक सिर्फ 95 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। गेहूं का बाजार भाव अधिक होने की वजह से केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो रही है। किसान आढ़तियों के हाथ अपना गेहूं बेच दे रहे है। वैसे अभी जिले में गेहूं की कटाई-मड़ाई भी कम हुई है। ऐसे में उम्मीद है कि सोमवार से गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ेगी। किसानों को केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।
- रूपेश कुमार, डिप्टी आरएमओ
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