संतकबीरनगर। सरकारी स्कूलों में कायाकल्प योजना से सुविधाएं बढ़ी हैं। गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित ऑपरेशन कायाकल्प से परिषदीय विद्यालयों का परिदृश्य बदला है। स्कूल स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, समृद्ध पुस्तकालयों व डिजिटल संसाधनों से लैस होकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। जिले के 1146 परिषदीय विद्यालयों में से 936 का पूरी तरह नवीनीकरण हो चुका है। 2017-18 में जहां इन विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का संतृप्तीकरण महज 36 प्रतिशत था। वहीं यह आंकड़ा बढ़कर करीब 81 प्रतिशत के पार पहुंच गया है।
छात्रों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। इसके साथ ही 350 से अधिक स्कूलों में व्यवस्थित लाइब्रेरी और हजारों की संख्या में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए जा चुके हैं। बुनियादी उन्होंने बताया कि शिक्षा को मजबूत करने के लिए तीन हजार से अधिक शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को एफएलएन (फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी) आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है। जिससे बच्चों की भाषा और गणित की नींव मजबूत हो रही है।
व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए कुछ स्कूलों में 325 आईसीटी लैब्स और 236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। उन्होंने इस परिवर्तन पर बात करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल भवनों को सुधारना नहीं, बल्कि बच्चों को एक ऐसा आधुनिक वातावरण देना है। जहां वह आत्मविश्वास से सीख सकें।