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मगहर महोत्सव की आखिरी रात निजामी बंधु ने बाधा समा

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सासों की माला पे सिमरु मैं पिया का नाम
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अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। महोत्सव की आखिरी रात शुक्रवार को सूफी गायक निजामी बंधुओं ने अपनी शानदार प्रस्तुति से महोत्सव का यादगार बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत संत कबीर के विचारों पर आधारित कलाम से हुई। गायक शादाब व शोहराब निजामी और उनके चाचा चांद निजामी ने सासों की माला पे सिमरु मैं पिया का नाम सुनाकर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
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इसके बाद नींद थी जितनी मेरी आखों में, सब तेरे इंतजार को दे दी सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। इसके बाद दमादम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर गीत सुनाया। तीनों गायकों के सुर पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग भी गुनगुनाने लगे। निजामी बंधुओं ने सूफी गीत में साजन हम तुम एक हैं, तुम हम एक हैं कहत सुमन को दो, साजन हम तुम एक हैं, अरे मन से मन को तोलिए तो मन का भव न हो, उसके बाद गुल्फ आया-गुल्फ आया सुनाया। निजामी बंधुओं ने एक के बाद कई सूफी भजन प्रस्तुत किए। इससे पहले सीडीओ हाकिम सिंह व चेयरमैन संगीता वर्मा ने निजामी बंधुओं को स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान एसडीएम एसपी सिंह, सीओ सदर रमेश कुमार, कोतवाल मनोज तिवारी, जिया अंसारी, दिनेश, सुरेंद्र, महबूब खान, रियाजुद्दीन, अवधेश सिंह, नूरूज्जमा अंसारी, वेद प्रकाश चौबे, सुभाष शुक्ल, नासिर अली खां, संतोष दास, चौकी इंचार्ज मगहर शर्मा सिंह यादव समेत कई लोग मौजूद रहे।
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