मेंहदावल/हैंसर। क्षेत्र में राप्ती और घ्ााघ्ारा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर 77.65 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान से करीब पहुंचने से तटबंध पर कई स्थानों पर दबाव बढ़ गया है। इससे लोग दहशत जदा हैं।
मेंहदावल तहसील क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर नहीं थम रहा है। लगातार नदी का जलस्तर बढ़ रहा है तो विभाग इसको रिकॉर्ड भी कर रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से कई स्थानों पर बांध दबाव बढ़ रहा है। वही विशुनपुर, नौगो, बेलौली आदि स्थानों पर बैकरोलिंग से परेशानी हो रही है।
बैकरोलिंग व जलस्तर का दबाव रोकने के लिए बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। एक तो नदी लगातार बढ़ रही है, ऊपर से बारिश से काम बाधित हो रहा है। बेलौली ग्राम पंचायत में स्थित तटबंध से जलस्तर पूरी तरह सट गया है तो नौगों में भी कई स्थानों पर तटबंध से सटकर पानी बह रहा है।
लागों का कहना है कि यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो कठिनाई होगी। 19.2 किलोमीटर लंबा तटबंध इस समय बढ़ते जलस्तर से जद्दोजहद कर रहा है। विभाग के अधिकारी लगातार तटबंध पर काम कर रहे हैं।
सहायक अभियंता वीरेंद्र यादव ने कहा कि करमैनी-बेलौली तटबंध अभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। कहीं से कोई कटान की स्थिति दिखाई नहीं दे रही है। सहायक अभियंता प्रेमलाल ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
रविवार को शाम नदी का जलस्तर 77.65 पर पहुंच गया ऐसे में लाल निशान से राप्ती लगभग 1.80 मीटर नीचे बह रही है। तटबंध को सुरक्षित करने के लिए लगातार निगरानी व कार्य कराए जा रहे हैं।
उधर, घाघरा नदी के जल स्तर में रविवार को वृद्धि से दियारा में बसे 38 गांवों में बाढ़ की आहट सुनाई देने लगी है। नदी का पानी बढ़ने से कटान धीमी हुई है। इससे गायघाट समेत कई गांवों के लोगों ने रविवार को राहत की सांस ली, लेकिन पशुओं के लिए चारे की समस्या बढ़ने लगी है।
घाघरा नदी पड़रिया गांव से लेकर गायघाट तक धीरे-धीरे बढ़ते हुए नदी की तलहटी में बोई गई फसलों को डुबाती हुई गांव की तरफ अग्रसर है। रविवार को नदी के जल स्तर में पांच प्रतिशत की वृद्धि की बात सिंचाई विभाग के लोग बता रहे हैं।