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शिक्षकों ने धरना दिया

Mon, 30 Jul 2018 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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माध्यमिक शिक्षक संघ ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान सीएम के नाम संबोधित नौ सूत्री मांगों का ज्ञापन डीआईओएस को दिया। शिक्षकों ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी भी की।
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जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है। सेवा नियमावली निर्मित कर पांच अंकों में सम्मानजनक वेतन दिलाया जाए। नई पेंशन योजना (एनपीएस) समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना पुन: लागू करें और कोषागार से वेतन आहरित कर रहे अद्यतन कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को विनियमितीकरण करें। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षकों एवं कर्मचारियों को चिकित्सकीय सुविधा के साथ ही एलटी ग्रेट शिक्षकों को प्रोन्नति वेतनमान के लिए स्नातकोत्तर उपाधि की बाध्यता को समाप्त किया जाए। माध्यमिक व्यावसायिक व कंप्यूटर अनुदेशकों को पूर्ण कालिक शिक्षक के पदों पर नियुक्त करें और बस्ती के कोषागार में जमा जीपीएफ कटौती की धनराशि संतकबीरनगर के कोषागार में मंगाई जाए। धरने की अध्यक्षता जिला संयोजक नसीम अहमद खान व संचालन जिला मंत्री गिरजानंद यादव ने किया। इस अवसर पर मार्कंडेय सिंह, अनिरुद्ध त्रिपाठी, रामपूजन सिंह, अनिल भाष्कर, सुनील मिश्र, राम कैलाश जायसवाल, राम विकास वर्मा, हरि कृष्ण सिंह, लाल चंद्र यादव, मनीराम, धर्मदेव, श्याम करन, मदनलाल, मनोज मिश्रा, विनय स्वरूप, बृजेश सिंह, पुनीत त्रिपाठी, उदयभान, सुमित सिन्हा, ऋचा श्रीवास्तव, अब्दुल वाहिद, अशफाक अहमद, राज केशरी शुक्ला, घनश्याम राणा, सुरेंद्र नाथ, गोपाल जी सिंह, रामनरायन पांडेय, संत मोहन त्रिपाठी, राकेश कुमार मिश्र, विनय मिश्रा, राघवेंद्र द्विवेदी और राम नरायन शुक्ला आदि मौजूद थे।
सांथा। ब्लॉक मुख्यालय सांथा पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तथा ग्रामीणों ने ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम वर्मा की अगुवाई में ग्राम पंचायत परसवनिया से लेकर पुरौवा तक सड़क बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीडीओ को मांग पत्र दिया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम वर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत परसवनिया से पुुरौवा तक जाने वाली सड़क कच्ची है। इस कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिला प्रशासन जल्द से जल्द सड़क का निर्माण करे नहीं तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में मुर्तजा हुसैन, रामचंद्र, बेचू प्रसाद, शिवकुमार, बेलासी देवी, इंद्रावती देवी, घिसियावन प्रसाद, रंगीलाल, जितना देवी, गीता देवी, रामरतन प्रसाद, रामउजागीर प्रसाद, गुजराती देवी सहित आदि ग्रामीण मौजूद थे।
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हैंसर। एसडीएम धनघटा पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील परिसर में धरना देकर कार्रवाई की मांग की। सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को देकर अधिवक्ताओं ने कहा कि एसडीएम वादकारियों और अधिवक्ताओं का शोषण करने पर तुले हुए हैं। जब उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती है तब तक अधिवक्ता काम काज बंद करके तहसील में धरना देते रहेगें। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एमडीएम नियम कानून की धज्जिया उड़ा रहे हैं। निरीह निर्दोष लोगों को जेल भेजते हैं। पूर्व डीएम द्वारा निबंधन कार्यालय तहसील में स्थापित किए जाने के आदेश के बाद भी उसे यहा नहीं मंगवा रहे हैं। 60 गांवों में चकबंदी चल रही है, लेकिन चकबंदी विभाग के लोग तहसील में नहीं बैठ रहे है। धनघटा तहसील में वादकारियो के बैठने व अन्य कार्य कराने के लिए शासन ने 40 लाख रुपये दिया था। जिसका बंदरबांट कर लिया गया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के तबादले की मांग की। इस मौके पर राधेश्याम मौर्य, वीरेंद्र त्रिपाठी, अरविंद श्रीवास्तव, लालसरन सिंह, दिलीप त्रिपाठी, सुनील पांडेय, दिलीप राय, पवन कुमार, सुरेंद्र सिंह, केशव पाठक, बालकृष्ण चौवे, शत्रुध्न मिश्र और मिठाईलाल आदि मौजदू थे।
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