हॉलैंड से आए श्रद्धालुओं ने कबीर की समाधि और मजार पर टेका मत्था
कबीर दर्शन से जीवन धन्य हो गया : संदेश सीताराम
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अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। संत कबीर की समाधि और मजार के दर्शन करने से जीवन धन्य हो जाता है। सूफी संत कबीर ने पूरे विश्व को शांति और सौहार्द्र का संदेश दिया था। ऐसे में उनके विचारों और संदेशों को जीवन में उतारने से जीवन सफल होगा। ये बातें भारतीय मूल के हॉलैंड निवासी संदेश सीताराम ने शनिवार को कबीर की समाधि और मजार का अपने परिवार के साथ दर्शन कर आशीर्वाद लेने के बाद एक भेंट वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि कबीर चौरा मठ वाराणसी मूलगादी के महंत आचार्य विवेक दास के नेतृत्व में कबीर साहेब की निर्वाण स्थली मगहर में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके पूर्वज शुरू से ही कबीर पंथ के अनुयायी रहे हैं, जो गोरखपुर जनपद के बेलघाट गांव के मूल रूप से निवासी थे। काफी समय पहले रोजी-रोटी के सिलसिले में उनके पूर्वज हॉलैंड चले गए जहां पर नागरिकता मिलने के बाद वहां के निवासी हो गए। काफी समय के बाद भारत आगमन पर कबीर की जन्मभूमि और कर्मभूमि का दर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि कबीर जैसा समाज सुधारक न हुआ है और न कभी होगा। कबीर ने सभी समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया था। आज भी उन्हीं के विचारों को आत्मसात करने की समाज को जरूरत है। इस मौके पर महंत विचार दास, बादल प्रिया, बादल बिदेसी उर्फ राजश्री के अलावा डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, सन्त केशव दास, विनोद दास, रामसरन पुजारी, अरविंद दास शास्त्री, शांति दास आदि मौजूद रहे।