फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गरीबों के लिए बनेंगे 250 आशियाना

Sat, 29 Sep 2018 11:13 PM IST
santkabrnagar
विज्ञापन
अमर उजाला - फोटो : एेसा बनेगा गरीबाें का अावास
विज्ञापन
संतकबीरनगर। शहरी क्षेत्र में रहने वाले जमीन विहीन गरीबों के एक अदद आवास की आस पूरी होने की उम्मीद जाग गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत खलीलाबाद शहर में आवास विकास कॉलोनी बनाने की स्वीकृति मिली है। इसके तहत 250 आवास बनाए जाएंगे। शासन से निर्देश मिलने के बाद नगर पालिका प्रशासन जमीन को चिह्नित करने में जुट गया है।
विज्ञापन

वैसे तो प्रधानमंत्री शहरी व ग्रामीण आवास योजना के जरिए गरीबों को आवास मुहैया कराया जा रहा है। इस योजना में पात्रता के लिए गरीबों के पास जमीन होना अनिवार्य है। ऐसे में जिन लोगों के पास जमीन नहीं है, वह निराश थे। इसको देखते हुए भारत सरकार ने ऐसे गरीबों को आवास मुहैया कराने की योजना बनाई है, जिनके पास खुद की जमीन नहीं है, जबकि वह शहर में रहते हैं और उनका आधार कार्ड भी बना हुआ है। पिछले दिनों जिले के दौरे पर आए प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री एवं जिले के प्रभारी ने खलीलाबाद में आवास विकास कालोनी बनाने की घोषणा की थी। अब इसके लिए शासन की स्वीकृति मिल गई है। शासन से निर्देश मिलने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने शहर के मड़या, बंजरिया पूर्वी व औद्योगिक नगर में जमीन चिंहित करने के लिए निरीक्षण किया। इसमें मड़या की जमीन को अभी तक आवास विकास कालोनी के लिए उपयुक्त पाया गया। इस संबंध में नगर पालिका प्रशासन ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों से वार्ता की तो उन्होंने जमीन कुछ कम होने की बात कहीं। जिस पर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन श्यामसुंदर वर्मा ने डीएम भूपेंद्र एस चौधरी से मिलकर नगर पालिका के प्रस्तावित विस्तार क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। जैसे ही जमीन चिंहित होगी आवास विकास कॉलोनी का निर्माण शुरू हो जाएगा। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा ने बताया कि आवास विकास कालोनी में ऐसे गरीबों को आवास दिया जाना है, जिसके पास खुद की जमीन नहीं है। इसके लिए उनका नगर पालिका क्षेत्र से आधार कार्ड बना होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जमीन चिंहित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम से भी वार्ता हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही जमीन चिंहित कर ली जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें