संतकबीरनगर। 15 जून गेहूं खरीद की आखिरी तिथि है और बारिश के मौसम की शुरुआत भी हो जाती है। 63000 मीट्रिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक जिले में 25835 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है जो लक्ष्य से काफी कम है। इधर सबसे बड़ी समस्या भंडारण की उत्पन्न हो गई है। 4500 मीट्रिक टन गेहूं को भंडारण कराने के लिए विभाग काफी परेशान है और भारतीय खाद्य निगम ने अभी तक कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 49 क्रय केंद्र खोले गए थे। 15 जून तक गेहूं खरीद किए जाने का समय शासन से निर्धारित है। जिले में 63000 मीट्रिक गेहूं खरीद का लक्ष्य है और बुधवार तक कुल 25835 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका था। गेहूं भंडारण कराने की जिम्मेदारी एफसीआई की है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रसहरा में पांच-पांच हजार मीट्रिक टन गेहूं भंडारण कराने के लिए प्राइवेट गोदाम की व्यवस्था है। इसमें दो भंडारण कक्ष में फर्श और शटर आदि नहीं है। जबकि जंगलऊन में 5000 मीट्रिक टन गेहूं रखा गया है। डिप्टीआरएमओ विपिन राय ने बताया कि डीएम की तरफ से भंडारण की व्यवस्था कराने के लिए एफसीआई के महाप्रबंधक को दो जून को ही पत्र भेजा गया है। विभिन्न क्रय एजेंसियों के जरिए जनपद में 35835 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। पीईजी रसहरा तथा एसडब्लूसी जंगलऊन में एफसीआई ने गेहूं भंडारण कराया जा रहा है। रसहरा में 10000 मीट्रिक टन क्षमता में गेेहूं भंडारण रोक दिया गया है। जबकि जंगलऊन में रिक्त स्थान के अभाव में 40 ट्रकें भंडारण के लिए खड़ी है। रसहरा में पांच-पांच हजार मीट्रिक टन भंडारण के दो और गोदाम है, लेकिन उसमें भंडारण के लिए एफसीआई के जरिए प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसी तरह अतिरिक्त क्षमता में मंडी यार्ड खलीलाबाद तथा कताई मिल मगहर में भी गेहूं भंडारण के लिए प्रयास नहीं हो रहा है। ऐसे में बारिश की संभावना के दृष्टिगत खरीदा गया गेेहूं का सुरक्षित भंडारण आवश्यक है।