संतकबीरनगर जिले के अलग-अलग विकास खंडों के 19 ग्राम पंचायतों में मनरेगा एक्ट का उल्लंघन किया गया है। नियम तोड़ कर 81 परिवारों को 202 दिन का अधिक रोजगार दे दिया गया है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ग्राम प्रधान,सचिव और रोजगार सेवकों से 35,148 रुपये की वसूली कराते हुए मनरेगा के नोडल खाते में जमा कराए जाने का निर्देश दिया है।
डीएम डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि मनरेगा एक्ट में एक परिवार को 100 दिन का ही रोजगार दिए जाने का प्रावधान है। मनरेगा एमआईएस अलर्ट को देखने के बाद पता चला है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में मनरेगा श्रमिकों को 100 दिन से अधिक का रोजगार दिया गया है। सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के कुर्थियां में एक परिवार को दो दिन अधिक, सांथा के करमा कला में 31 परिवार को 62 दिन, झुडिया में चार परिवार को पांच दिन, बौर ब्यास में एक परिवार को दो दिन, अतरीनानकार में एक परिवार को एक दिन अधिक रोजगार दिया गया है।
इसी तरह नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में जोगाराजा में 14 परिवार को 45 दिन अधिक,शनिचरा बाबू में छह परिवार को 12 दिन,गोनौरा में एक परिवार को चार दिन, ओन बिलाई में एक परिवार को दो दिन और मेंहदावल ब्लॉक के बाराखाल में एक परिवार को दो दिन, हैंसर बाजार ब्लॉक क्षेत्र के डुहिया खुर्द में एक परिवार को 12 दिन, कटार मिश्र में एक परिवार को सात दिन, बैजनाथपुर में एक परिवार को पांच दिन, आगापुर गुुलरिहा में एक परिवार को चार दिन का अधिक रोजगार दिया गया है। आगे बताया कि बेलहर ब्लॉक क्षेत्र के कुसुरु खुर्द में सात परिवार को 17 दिन , बेलवा ठकुराई में छह परिवार को 14 दिन, बेलवा सेंगर में एक परिवार को दो दिन,देवलसा और कुशहरा में एक-एक परिवार को दो- दो दिन का अधिक रोजगार दिया गया है।
सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन 19 ग्राम पंचायतों के 81 परिवारों को 202 दिन का अधिक रोजगार देकर 35148 रुपये का अधिक भुगतान कर दिया गया।
इन गांवों के प्रधानों,सविवों और रोजगार सेवकों से धनराशि की वसूली करते हुए मनरेगा के नोडल खाते में जमा कराते हुए जमा की गई धनराशि की रसीद डीएम कार्यालय को पत्र के माध्यम से प्रेषित करें।