निर्मल भारत अभियान के तहत एक ओर शौचालय बनवाने की होड़ मची है, दूसरी ओर लोगों के असहयोग के चलते 25 गांवों के खातों से 8.82 लाख रुपये वापस मंगा लिए गए। इसकी जानकारी होने पर कई गांवों के प्रधान डीएम से लेकर डीपीआरओ दफ्तर पहुंचकर रकम दोबारा खाते में ट्रांसफर कराने की मांग कर रहे हैं।
डीपीआरओ रामअग्रे सिंह ने बताया कि निर्मल भारत अभियान के तहत गांवों में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों के खाते में रकम भेजी गई थी। वर्तमान में खुले में शौच मुक्त करने की दिशा में प्रशासन की ओर से भरपूर प्रयास किया जा रहा है।
एडीओ पंचायत की रिपोर्ट प्राप्त हुई कि लाभार्थियों के सहयोग न करने और उदासीन बन रहने की वजह से शौचालयों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ऐसे 25 ग्राम पंचायतों के खाते से आठ लाख बयासी हजार रुपये वापस मंगा लिया गया।
समग्र गांव नटवा,रतनपुर, खरवनिया खुर्द, धनज्जवल, दरियाबाद, सालेहपुर, कुर्थिया, धुसुरा, हरैया, पडरिया, निहैला, माझा खड़गपुर, महेश्वरपुर, नावन खुर्द, रजनौली, गंगौरा, भगौसा, बेलहर कला, बालेपार,बढ़या,जूरी, सुरदहिया,ढोढ़या और बारीडीहा ग्राम पंचायतों के खाते से रकम मंगाई गई है।
शुक्रवार को दरियादबाद के प्रधान डीएम से मिले और शौचालय मद का पैसा खाते से वापस जिले पर मंगा लिए जाने की बात बताई और दुबारा रकम खाते में भेजवाने का अनुरोध किया। इसी तरह डीपीआरओ से भी दो-तीन प्रधान मिले और यही बात दोहराई। जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि जिन गांवों में शौचालय निर्माण में लाभार्थी रुचि नहीं लें रहे है, उन ग्राम पंचायतों के खाते से शौचालय मद का पूर्व में भेजा गया गई रकम वापस मंगाए जाने का निर्देश डीपीआरओ को दिया था। यदि रुचि ली जाएगी तो फिर रकम वापस करांगे।