1958 किसानों ने दे दिया है दूसरे का खाता नंबर, रुका धन
पीएफएमएस पोर्टल पर सत्यापन के बाद आई आपत्ति
करीब 26 हजार किसानों का डाटा गड़बड़ होने के बाद दोबारा हो रहा है सत्यापन
सीडीओ ने लोगों से सही खाता नंबर ही देने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लिए लक्ष्मी देवी ने जो बैंक खाता नंबर दिया ह, वह किसी हरिहरनाथ के नाम है। माधुरी देवी की तरफ से दिया गया खाता नंबर भी हरश्चिंद्र का है। अनिल ने किसी गया पाठक का खाता नंबर दे दिया है। ये तीन नाम उदाहरण भर हैं, जिले में 1958 किसान ऐसे हैं जिनकी खाता नंबर गलत होने के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्रथम किस्त रुक गई है। अब इन्हें खाता नंबर सही होने के बाद ही प्रथम किस्त मिल पाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए एक लाख 65 हजार से अधिक किसानों का डाटा स्टेट पोर्टल पर भेजा चुका है। पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर इनके सत्यापन के उपरांत नेशनल पोर्टल पर केवल एक लाख 28 हजार डाटा ही जा पाया है। करीब 26 हजार किसानों का डाटा किसी न किसी कारण संदिग्ध हो गया है। यह डाटा वापस जिले को भेजकर सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। कुछ किसान तो ऐसे हैं जो किसी सरकारी नौकरी या व्यवसाय में होने के कारण आयकर की श्रेणी में आ चुके हैं। लिहाजा उन्हें इसका लाभ नहीं मिलना है। 1958 किसान ऐसे भी हैं जो पात्र होते हुए भी लाभ से वंचित रह गए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि इन किसानों के आवेदन पत्र पर जो बैंक खाता नंबर दिया गया है वह गलत है।
सही खाता नंबर ही दें : सीडीओ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कार्यक्रम के नोडल अफसर सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया सत्यापन में लगे कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि लोगों के नाम और खाता नंबर को जरूर चेक कर लें। जिले में जिन 1958 किसानों का खाता नंबर गलत हुआ है, उसे ठीक कराया जा रहा है। इन किसानों को भी जल्द प्रथम किस्त मिल जाएगी।