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जितनी बार वीवीपैट मशीन चालू होगी, उतनी बार सात पर्ची स्वत: कटेगी

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जितनी बार वीवीपैट मशीन चालू होगी, उतनी बार सात पर्ची स्वत: कटेगी
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पीठासीन और मतदान अधिकारी प्रथम को दिया गया प्रशिक्षण, सुबह छह से शाम छह बजे तक होगा मतदान
महिला मतदानकर्मी 12 मई को सुबह सात बजे तक पहुंच सकती हैं मतदेय स्थल
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्वक मतदान कराना पीठासीन और मतदान अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक जानकारी को सही ढंग से हासिल करें।
ये निर्देश सीडीओ/प्रभारी अधिकारी कार्मिक हाकिम सिंह ने हीरालाल राम निवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद में प्रशिक्षण के दौरान दिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 800 पीठासीन और मतदान अधिकारी प्रथम ने भाग लिया। 11 मई को मतदान पार्टी मतदेय स्थलों के लिए रवाना होगी। इसके पहलेक उन्हें ईवीएम, वीवीपैट तथा स्टेशनरी दी जाएगी। इसमें वीवीपैट सर्वाधिक संवेदनशील मशीन है। इसे संभाल कर ले जाना है तथा बूथ में ऐसे स्थान पर रखना है जहां इस पर सीधे रोशनी न पड़े। सुबह छह बजे से मॉक पोल कराना है जिसमें कम से कम 50 वोट डाले जाएंगे। उन्होंने कहा कि 12 मई को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो जाएगा तथा शाम छह बजे तक चलेगा। मतदान के पूर्व पोलिंग एजेंट नामित करना होगा। पोलिंग एजेंट वही व्यक्ति बन सकेगा, जिसके पास मतदाता पहचान पत्र हो तथा उसी मतदेेय स्थल का मतदाता हो। मतदान एजेंट मतदान प्रक्रिया के दौरान, मोबाइल, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, गुटखा वहां नहीं ले जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मतदान पार्टी की महिला सदस्य 12 मई को मतदेय स्थल पर सुबह छह बजे पहुंचेंगी। उन्हें वहां 11 मई की रात को रुकने की अनिवार्यता नहीं है। मतदान पार्टी का कोई सदस्य किसी का अतिथ्य स्वीकार नहीं करेगा। उसके नाश्ता और भोजन की व्यवस्था स्कूल की रसोइया करेंगी। मतदान कर्मी उन्हें भुगतान करेंगे। मतदानकर्मी को उनका मानदेय सेक्टर मजिस्ट्रेट 11 मई की शाम को बूथ पर उपलब्ध करा देंगे।
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उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी बूथ पर पहुंचकर देख ले कि कोई राजनैतिक पोस्टर, बैनर, चुनाव चिह्न आदि नहीं लगा है। मतदान के दौरान बाहर देख ले कि कोई बुजुर्ग, गोद में बच्चा लिये महिला या दिव्यांग आता है तो उसका प्राथमिकता पर मतदान करा दें। परियोजना निदेशक प्रमोद यादव ने माकपोल प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने बताया कि मतदान शुरू करने से पूर्व सुबह छह बजे कम से कम 50 वोट से माकपोल कराना अनिवार्य है परन्तु यदि किसी खराबी की वजह से कोई वीवीपैट बदली जाती है तो सभी उम्मीदवार का केवल एक-एक वोट डालकर माकपोल कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान जितनी बार वीवीपैट किसी वजह से बंद कर पुन: चालू की जाएगी तो सात पर्ची स्वत: कटकर बाक्स में गिरेगी। इसलिए कम से कम बार इसे बंद करने की कोशिश करें। उन्होंने बताया कि माकपोल के दौरान बाक्स में गिरी सभी 50 पर्ची के पीछे मॅाक पोल का मोहर लगा कर काले लिफाफे में बंद कर रखा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उप निदेशक कृषि लोकेश सिंह, डीआईओएस शिव कुमार ओझा, बीएसए सत्येन्द्र सिंह, कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
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