ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई
शाम के समय बिजली कटौती से हो रही परेेेशानी
रबी की फसल की सिंचाई के लिए जूझ रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। स्थिति यह है कि दिन हो या रात कई बार बिजली गुल हो रही है, जिससे उपभोक्ता त्रस्त है। शाम के समय अघोषित विद्युत कटौती ने उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों में डाल दिया है, जबकि किसान भी रबी की फसल की सिंचाई के लिए जूझ रहे हैं।
सूबे की योगी सरकार ने दावा किया था कि अक्तूबर से ग्रामीण क्षेत्रों को भी चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी, लेकिन यहां सरकार का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार बिजली गुल हो रही है। सुबह सात बजे के बाद ही बिजली की कटौती होती है और 11 बजे के बाद ही बिजली आती है। यही हाल शाम का भी है। शाम को सात बजे बिजली कट रही और नौ बजे के बाद ही बिलली आती है। यह ऐसा समय होता है जबकि सभी को बिजली की सर्वाधिक जरूरत रहती है। ऐसे में लोगों को ढिबरी की रोशनी का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि जो आपूर्ति की जा रह है वह भी लोकल फाल्ट की भेंट चढ़ जा रही है। अक्सर लोकल फाल्ट के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति कई-कई घंटे बंद रहती है। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद भी लोकल फाल्ट ठीक करने के काफी समय बर्बाद होता है।
वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रबी की बुआई कर चुके है और उन्हें सिंचाई के लिए पानी की जरूरत रहती है, लेकिन बिजली कटौती होने से सिंचाई में बाधा आ रही है। बिजली कई बार गुल होने से किसान हेड से टेल तक पानी पहुंचाने में परेशानी का सामना करने को मजबूर है। किसान धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि खेतों की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है,लेकिन बार-बार बिजली गुल होने से दिक्तत हो रही है। उन्होंने बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक करने की मांग की है। उपभोक्ता महेंद्र कुमार ने कहा कि शाम के समय बिजली की कटौती होने से पढ़ाई सहित अन्य कार्यों में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि कम से कम शाम को बिजली कटौती से मुक्त रखा जाना चाहिए।
विद्युत निगम के अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने कहा कि जो बिजली आपूर्ति मल रही है, उसे ग्रामीण क्षेत्रों को देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लोकल फाल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि सूचना मिलते ही उसे ठीक कराएं।