मेंहदावल। क्षेत्र में राप्ती नदी ने करवट ले लिया हैं। 24 घंटे में नदी का जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ना रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में राप्ती तेजी से बढ़ रही है, अगर बढ़ने की रफ्तार यही रही तो नदी का जलस्तर तटबंध पर दो दिन के अंदर दवाव डालना शुरू कर देगा। बढ़ते जलस्तर को देखकर बचाव कार्य में जहां तेजी आई है, वहीं अवर अभियंता भी तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। बढ़ता जलस्तर तटबंध से सटे गांव के लोगों को दहशत में डाल रहा है।
राप्ती का जलस्तर तीन सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है, जहां रविवार को देर शाम जलस्तर 76 मीटर मापा गया था वहीं सोमवार सायं चार बजे करमैनी-बेलौली में राप्ती का जलस्तर 77 मीटर के करीब पहुंच गया। हालात ठीक नहीं है, बंधे की जर्जरता किसी से छिपी नहीं है इस बार तेजी से नदी के जलस्तर में बढोतरी देख विभाग भी सक्रिय हो गया है। बढ़या के समीप कटान को रोकने के लिए मजदूर बास बल्ली का पायलिंग कर रहे हैं, वहीं नदी की धारा को मोड़ने तथा जलस्तर से तटबंध को बचाने के लिए बास के पिजडे़ तैयार कराकर नदी व तटबंध के बीच कटान स्थल पर डालकर उसमें झावा से भरी बोरी डाली जा रही है। कई स्थानों पर जलस्तर तटबंध को छू रहा है और कटान भी कर रहा है। नौगो, जोरवा, विशुनपुर बांगर, बेलौली आदि जगहों पर तटबंध से सटकर नदी बह रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। तटबंध से सटे ग्राम बेलौली, खैरा, थरौली, नगपुर, डुमरियाबाबू, घोल, कुसौना, बानडूमर, बढ़या, इंदरपुर, विशुनपुर बांगर, जोरवा, छपिया पराग, तिवारीपुर, नौगो, बेलौहा, भरथुआ, करमैनी ऐसे गांव हैं, जो राप्ती के मुहाने पर बसे हैं यदि जलस्तर का दवाव तटबंध पर तेजी से पड़ा और तटबंध नौगो में टूटा तो गांव का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। क्षेत्र के अर्जुन यादव, देवेंद्र पाठक, प्रद्युम सिंह, डॉ. वाईवी सिंह, दिलीप गुप्ता, अवनिंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि दो दिनों में नदी का जलस्तर काफी ऊपर आ गया। तटबंध जर्जर हैं। ऐसे में बाढ़ की आशंका लोगों को भयभीत कर रही है। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव का कहना है कि नदी का जलस्तर 24 घंटे में तेजी से बढ़ा है। कहीं-कहीं जलस्तर का दवाव तटबंध पर पड़ रहा है, वहां पर एहतियातन दवाव को रोकने के लिए कार्य कराए जा रहे हैं। अभी तटबंध सुरक्षित है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता आरएन यादव ने बताया कि करमैनी-बेलौली में राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ रहा है। सहायक अभियंता को तटबंध पर लगातार रहते हुए निगरानी का निर्देश दिया गया है। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है और विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।