संतकबीरनगर। संयुक्त जिला अस्पताल इलाज की जगह संक्रामक बीमारियों को दावत दे रहा है। परिसर में जगह-जगह कूड़ा व गंदगी का अंबार है। इसके साथ ही परिसर में बारिश का पानी भी काफी दिनों से लगा है। जिससे जल जनित बीमारियां फैलने की आशंका है। मरीज व उनके तीमारदारों को परिसर आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल का भवन तीन साल पूर्व बनकर तैयार हुआ और उसमें मरीजों के इलाज का कार्य शुरू हुआ। उस समय अस्पताल काफी साफ सुथरा था। जैसे-जैसे समय बीतता गया अस्पताल में गंदगी पसरती चली गई। हालात यह है कि वर्तमान समय में इमरजेंसी वार्ड के सामने लगे गेट पर अस्पताल में यूज हुए दवा आदि के कचरे को फेंक दिया जाता है। पिछली बार जब प्रभारी मंत्री का दौरा लगा तो उसे रातों-रात हटा दिया गया था। वर्तमान समय में वहां पर फिर से कचरा पसर गया है। इसके साथ ही परिसर में जगह-जगह बारिश का पानी लगा है, जिससे मच्छरों आदि के पनपने का आशंका बढ़ गई है, जहां सरकार इंसेफेलाइटिस को लेकर तरह-तरह के इंतजाम कर रही है। वहीं संयुक्त जिला अस्पताल के अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। परिसर में लगे पानी को निकलवाने की व्यवस्था तक नहीं कर पाए हैं। इसके साथ ही दवा आदि का छिड़काव भी नहीं कराया गया। भाई का इलाज कराने पहुंचे रामसुमेर का कहना था कि परिसर में पानी लगा है। किसी तरह से बचते बचाते इमरजेंसी में पहुंचे हैं। यहां भी काफी गदंगी है व दुर्गंध उठ रही है।
परिसर में लगे पानी व गंदगी की सूचना मिलने पर सीएमओ डॉक्टर एसी श्रीवास्तव शनिवार को अस्पताल में पहुंचे। उनके साथ मलेरिया अधिकारी भी थे। उन्होंने परिसर में लगे गंदगी आदि को देखा। इसके साथ ही कुछ मजदूरों को लगवाकर परिसर में लगे पानी के निकलने का इंतजाम कराया। सीएमओ ने बताया कि परिसर में पानी लगा है। इसके साथ ही गंदगी आदि भी लगी है। इसको साफ कराने के लिए सीएमएस से कहा गया है। बताया कि परिसर में गदंगी रहना गंभीर है। हर हाल में इसे दूर किया जाएगा। इस दौरान सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम विनीत श्रीवास्तव, राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे।