दूषित जल देने वाले 528 हैंडपंप चिह्नित, लाल निशान लगाया
-विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान में लगाए गए विभाग पूरा करें लक्ष्य : सीएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अप्रैल माह में विशेष संचारी रोग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान सभी विभाग समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही अन्य गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं, जिससे रोग नियंत्रण में सहायता मिले। इस दौरान अभी तक दूषित जल देने वाले 528 हैंडपंप चिह्नित किया जा चुका है।
सीएमओ डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि एक अप्रैल से चल रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान 380 स्कूलों में लोगों को जागरूक करने के लिए रैलियां की गईं। इनमें शिक्षकों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बच्चों को संचारी रोगों के बारे में बताया तथा अपने परिजनों को इन रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए कहा। वहीं 570 स्थानों पर घनी झाड़ियों की कटाई की गई। 528 ऐसे हैंडपंपों का चिह्नीकरण किया गया, जो प्रदूषित जल दे रहे हैं। इन हैंडपंपों पर लाल निशान लगाया गया है। 76 शौचालयों का निर्माण किया गया तथा 64 हैंडपंप रिपेयर भी किए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में 243 नालियों की सफाई की गई, वहीं शहरी क्षेत्र में 24 वार्डों में नालियों को साफ किया गया। अभी यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा।
शुरू हो गया है दस्तक अभियान
जिला मलेरिया अधिकारी राम सिंह ने बताया कि जनपद में दस्तक अभियान भी शुरू हो गया है। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवार के लोगों से मलेरिया, टीबी, सर्दी, जुकाम व बुखार (आईएलआईव सारी) से संबंधित सवालों को पूछने के साथ ही कुपोषित बच्चों की भी जानकारी ले रही हैं। अगर किसी को बुखार के लक्षण हों तो आशा कार्यकर्ता से छिपाए नहीं, बल्कि खुलकर बताएं। बुखार का समय से पता चल जाने से जांच कर सही दिशा में इलाज हो सकता है। किसी में बीमारी के लक्षण मिलते हैं या कोई अति कुपोषित बच्चा मिलता है तो इसकी सूचना वह संबंधित ब्लाक के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को देंगी। संबंधित विभाग सूचना के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
इन गांवों पर रखी जा रही है विशेष नजर
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान उच्च प्राथमिकता वाले कुल 16 गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है। उच्च प्राथमिकता वाले गांवों में खलीलाबाद ब्लॉक के खलीलाबाद, गिरधरपुर मेंहदावल ब्लॉक के मेंहदावल, गगनई राव नाथनगर ब्लाक के हरिहरपुर, महुली व नाथनगर, हैसर बाजार ब्लाक के हैंसर बाजार, बरपरवा , बेलहरकला ब्लाक के बेलहरकला, लोहरौली, गुनाखोर, बघौली ब्लाकके नाऊडांड, पौली ब्लाक के मुठहीं कला, नारायनपुर तथा सेमरियांवा ब्लॉक के लहुरादेवा गांव शामिल हैं।
यह कार्य हुआ है उच्च प्राथमिकता वाले गांव में
उच्च प्राथमिकता वाले गांवों में जिन घरों में जेई या एईएस से मौत हुई थी या फिर कोई दिव्यांग हुआ था उनके घरों के लोगों के बारे में विशेष जानकारी ली गई। गांव में सफाई के साथ ही साथ एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। मच्छरों की सघनता के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। लोगों को विशेष रूप से संचारी रोगों के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनके घरों में जाकर मच्छरों के रुकने वाले स्थानों जैसे कूलर, टूटे बर्तन, टायर, निष्प्रयोज्य नाद इत्यादि की चेकिंग की गई तथा उन्हें यह बताया गया कि कोई भी ऐसी जगह हो जहां पर पानी रुक सकता हो, उन स्थानों पर पानी जमा न होने दें।