61 और परिषदीय स्कूलों में शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
पहली बार जूनियर हाईस्कूलों में भी शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
नए सत्र में 50 प्राथमिक और 11 जूनियर हाईस्कूल होंगे इसके लिए चयनित
वर्तमान सत्र में 45 प्राथमिक स्कूलों में हो रही है अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
नए चयन के बाद अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक स्कूलों की संख्या 95 हो जाएगी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में भी कान्वेंट स्कूलों की तरह अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू करने के लिए पिछले वर्ष हुए प्रयोग को नए शिक्षण सत्र से विस्तार दिया जाएगा। अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षण सत्र से जिले के 50 प्राथमिक और 11 जूनियर हाईस्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी। इस सत्र में 45 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई चल रही है। नए सत्र से 95 प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
प्रदेश सरकार ने प्राइमरी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए इस शिक्षण सत्र में कई नए प्रयोग किए हैं। पंचायतीराज विभाग की मदद से स्कूलों में भौतिक सुविधाएं जुटाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प चलाकर भवन, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय आदि को ठीक कराया गया। शुरुआती तौर पर प्रत्येक ब्लॉक से पांच प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराई गई। इन स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए भी जोर दिया गया।
अप्रैल से शुरू हो रहे नए सत्र में जिले के 50 और प्राथमिक स्कूलों का चयन अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए किया जाना है। 11 जूनियर हाईस्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। बेसिक शिक्षा सचिव की तरफ से बीएसए को पत्र भेजा गया है। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक से पांच प्राथमिक और एक जूनियर हाईस्कूल का चयन किया जाना है।
एक परिसर में एक जैसा ही होगा पढ़ाई का माध्यम
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चुने गए कई प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जहां उसी परिसर में स्थित जूनियर हाईस्कूल में हिंदी माध्यम से पढ़ाई होती है। इससे बच्चों को दिक्कत होती है। विभाग ने अब एक परिसर में स्थित प्राथमिक और जूनियर विद्यालय को एक इकाई मान लिया है। लिहाजा एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में अगर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई हो रही है तो वहां के जूनियर हाईस्कूल में भी अप्रैल से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू होगी।
चयन के लिए दिया गया है निर्देश : बीएसए
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार स्कूल चयन के लिए बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रत्येक ब्लाक से पांच प्राथमिक व एक जूनियर हाईस्कूल का चयन किया जाना है। इसके अलावा पांच प्राथमिक व दो जूनियर हाईस्कूलों का चयन गुणवत्ता के आधार पर अलग से किया जाएगा।