धानक्रय केंद्र नवीन मडी में पसरा सन्नाटा।
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संतकबीरनगर। शासन ने एक नवंबर से धान खरीद शुरू करने का आदेश दिया था। इसके लिए जिले में 39 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सर्वाधिक क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं, लेकिन सचिवों की हड़ताल चल रही है। मिलरों का भी अब तक एग्रीमेंट नहीं हो पाया है। विपणन विभाग के केंद्र भी खरीद में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। असर यह है कि अब तक जिले में एक किलो भी धान की खरीदारी नहीं हुई है।
जिले में इस वर्ष 45 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है। इसके लिए कुल 39 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थित विपणन गोदामों को क्रय केंद्र बनाया गया है। शेष क्रय केंद्र पीसीएफ के हैं। एक क्रय केंद्र यूपी एग्रो को आवंटित है। एक नवंबर से इन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से धान की खरीद शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक धान की खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं विभाग अभी तक मिलरों से एग्रीमेंट तक नहीं करा पाया है। अगर यही हाल रहा तो विभाग अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएगा। डिप्टी आरएमओ रामानंद ने बताया कि मार्केटिंग के सभी गोदाम खुल थे, लेकिन कहीं किसान धान बेंचने नहीं आए। इधर दीपावली की छुट्टी और साधन सहकारी समिति के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से दिक्कत हो रही है। सोमवार से धान की खरीदारी के लिए जोर दिया जाएगा।
सचिवों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत
संतकबीरनगर। साधन सहकारी समिति के सचिवों की हड़ताल के चलते धान की खरीद नहीं हो पा रही है। साधन सहकारी समिति संघ के जिलाध्यक्ष मोतीलाल यादव ने कहा कि एक नवंबर को पूरे प्रदेश के सचिवों ने मांगों को लेकर लखनऊ में धरना दिया। वहां तय हुआ कि कार्य का बहिष्कार तब तक करेंगे जब तक सरकार उनकी मांग मान नहीं लेती है।