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पीएम आवास के लिए करें आवेदन

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संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास के लिए अनुसूचित जाति के पात्र ढूंढे नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वजह से लक्ष्य पूरा होने में संशय उत्पन्न हो गया है। इधर विभाग की ओर से ऐसे अनुसूचित जाति के पात्र से आवेदन पत्र मांगे जा रहे हैं, जिनका नाम आर्थिक, सामाजिक,जातिगत गणना की सूची में शामिल है। पात्र लोग ब्लॉक अथवा डीआरडीए कार्यालय में अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्रों की जांच के बाद बाद लाभार्थियों को आवास देने की स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
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वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले में 5339 आवास बनाए जाने का लक्ष्य शासन स्तर से निर्धारित हुआ है, जिसमें 3501 आवास अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए , 660 आवास अल्पसंख्यक वर्ग के लिए और 1178 आवास अन्य के लिए आवंटित करना है। आलम यह है कि बड़ी मशक्कत के बाद विभाग की ओर से अब तक अनुसूचित जाति के 1810 लाभार्थी ही ढूंढे जा सके हैं, जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के 501 लाभार्थी मिल चुुुके है। बीडीओ की ओर से पीडी को बार - बार सूचना दी जा रही है कि अनुसूचित जाति के लाभार्थी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। अभी तक 3606 पात्रों को आवास देने की स्वीकृति हुई है, जिसमें बैंक से 2941 लाभार्थियों का खाता पीएफएमएस पर प्रदर्शित कर रहा है। बीडीओ की ओर से 699 लाभार्थियों को पैसा भेजने के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जबकि 210 लाभार्थियों का बैंक स्तर से पेडिंग पड़ा है। अभी तक सिर्फ 49 लाभार्थियों ने प्रथम किस्त की धनराशि खाते से निकाला है। ऐसे में साफ जाहिर है कि सिर्फ 49 लोगों ने ही भवन का निर्माण कार्य शुरु कराया होगा। इसमें देेेरी की वजह बताई जा रही है कि जुलाई में बीडीओ के फेरबदल होने की वजह से समस्या उत्पन्न हुई है। जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 6535 लाभार्थियों को आवास देने का लक्ष्य था। जिसमें 6239 लाभार्थियो को पैसा दिया गया। जबकि 819 लाभार्थियों को दूसरी किस्त की धनराशि भी खाते में भेज दी गई है। शेष का सत्यापन कार्य चल रहा है। ऐसे में देखा जाए तो 296 लाभार्थियों की स्वीकृति नहीं हो पाई है। पीडी प्रमोद कुमार यादव बताते है कि पीएम आवास में एक लाख 20 हजार रुपये के अलावा मनरेगा से 15750 रुपये मजदूरी मद में और 12000 रुपये शौचालय के लिए दिया जाता है। यह सच है कि अनुसूचित जाति के लाभार्थी ढूंढे नहीं मिल रहे है। ऐसी जानकारी बीडीओ के स्तर से दी गई है। इस समस्या के समाधान के लिए अनुसूचित जाति और जनजाति के जिन लाभार्थियों के नाम आर्थिक ,सामाजिक गणना की सूची में शामिल है,वह ब्लॉक अथवा डीपी कार्यालय में अपना आवदेन पत्र जमा कर सकते है। डीआरडीएम आने वाले लाभार्थियों को आवेदन पत्र उनके स्तर से मुहैया कराया जा रहा है। पूरी कोशिश होगी कि लक्ष्य पूरा कर लिया जाए और समय से आवास का निर्माण कार्य भी पूरा करा लिया जाए। इसके लिए बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिवों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए है।
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