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387 crores will be spent on development works

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कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला योजना समिति की बैठक को संबोधित करते प्रभारी मंत्री। - फोटो : KHALILABAD
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विकास कार्यों पर खर्च होंगे 387 करोड़ रुपये
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संतकबीरनगर। जिले के प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना की बैठक हुई। इसमें 387 करोड़ 30 लाख 24 हजार रुपये का परिव्यय पारित हुआ। बैठक में अनुपस्थित दुग्ध, होम्योपैथिक विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए। वृद्धावस्था पेंशन योजना में प्राप्त प्रार्थनापत्रों को एक सप्ताह में निस्तारित कराने की बात कही गई।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि उन्होंने खुद अति कुपोषित एक बच्चे को गोद लिया है। जनपद के सभी विधायक एवं अधिकारियों को चाहिए कि एक-एक अति कुपोषित बच्चों को गोद लें और उनके सेहत में सुधार कराएं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में संचालित कोचिंग में डीएम और एसपी के साथ-साथ पीसीएस अधिकारी भी कक्षाएं लें। जिले में संचालित 52 संस्थाओं में अध्ययनरत बीएड, बीटीसी, बीपीएड के छात्र/छात्राएं पास के प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल में जाकर बच्चों को एक वर्ष में 60 दिन पढ़ाएंगे। इस दौरान डीएम दिव्या मित्तल, एसपी डॉ. कौस्तुभ, सीडीओ अतुल मिश्र, विधायक राकेश सिंह बघेल, भाजपा जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद यादव, सांसद के प्रतिनिधि आनंद तिवारी, सेतवान राय, विधायक के प्रतिनिधि अमर राय, हरिबक्श सिंह, मंटूराय, सेराज अहमद, पीडी प्रमोद यादव, डीएफओ रंगजराजन टी राजू आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण स्वरोजगार पर सर्वाधिक जोर
जिला योजना में लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता के रूप में 20 करोड़,ग्रामीण रोजगार के लिए 188.17 करोड़, प्राथमिक शिक्षा के लिए 14.93 करोड़, सड़क एवं पुल के लिए 11.13 करोड़, परिवार कल्याण के 21.70 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए 60 करोड़, समाज कल्याण के लिए 5.52 करोड़, महिला एवं बाल विकास कल्याण के लिए 14.69 करोड़, दिव्यांगजन कल्याण के लिए 4.81 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। जबकि वन विभाग के लिए 9.10 करोड़, पंचायती राज के लिए 10 करोड़, सहकारिता के लिए 10 करोड़, पर्यटन के लिए 10 करोड़, माध्यमिक शिक्षा के 4.91 करोड़,प्राविधिक शिक्षा के लिए 1.20 करोड़, युवा कल्याण के लिए 1.76 करोड़, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य 2.10 करोड़, आयुर्वेदिक चिकित्सा के 1.14 करोड़, होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए 59.04 लाख, पूल्ड आवास के लिए 10 करोड़, नगरीय पेयजल के लिए 2.25 करोड़, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 5 करोड़, पिछड़ी जाति कल्याण के लिए 4.49 करोड़, अल्पसंख्यक कल्याण के 1.55 करोड़, समाज कल्याण सामान्य छात्रवृत्ति के लिए 1.49 करोड़, शिल्पकार प्रशिक्षण के लिए 80 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
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