मातृ दिवस पर हस्त शिल्प एवं वस्त्र विभाग द्वारा शहर के एक धर्मशाला में रविवार को पहचान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें 385 शिल्पियों को सांसद शरद त्रिपाठी ने पहचान पत्र वितरित किया। इस दौरान मौजूद वक्ताओं ने भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है कि हर व्यक्ति आत्मनिर्भर हो और वह देश के विकास की कड़ी बने। उसी क्रम में प्रत्येक प्रकार के शिल्पकारों को सरकार ने पहचान पत्र जारी किया है। जिससे उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। यह जिले के लिए सौभाग्य की बात है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रथम चरण में ही इस जनपद को चयनित कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉकों में शिल्पियों के पंजीकरण के लिए शिविर लगाए जाएंगे। सांसद ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी बढ़ चढ़ कर ऐसे शिविरों के आयोजन व पंजीकरण कराने में मदद हेतु हिस्सा लेने को कहा।
शिल्पी पहचान पत्र मिलने पर शिल्पियों को 50,000 से 2,00,000 तक मुद्रा लोन व आम आदमी बीमा योजना का लाभ मिलेगा। जिसमें सामान्य मृत्यु पर 60,000, दुर्घटना मृत्यु पर 1,50,000, दुर्घटना में क्षतिग्रस्त होने पर 1,50,000, आंशिक क्षतिग्रस्त होने पर 75,000 हजार रुपये मिलेंगे तथा शिल्पी के दो बच्चे जो कक्षा नौ से 12 में अध्ययनरत हो उन्हें 100 रुपये प्रतिमाह शिक्षा सहयोग मिलेगा। शिल्पी का समूह बीमा नि:शुल्क होगा। इसके अलावा अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना, मानव संसाधन विकास योजना, गुरु शिष्य परंपरा योजना आदि योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में महेंद्र दुबे, सहायक निदेशक हस्त शिल्प बी एस सिंह, सोमेश्वर पांडेय, नरेंद्र शुक्ल, श्याम सुंदर वर्मा, दुर्गा पांडेय, दयाराम, पियूष सिंह, गुड्डू वर्मा, भगवानदास, औरंगजेब चौधरी, सांसद मीडिया प्रभारी विशाल श्रीवास्तव, मंटू राय, श्याम बिहारी, गजेंद्र पांडेय, देवी पांडेय आदि लोग रहे।