ब्लॉक संसाधन केंद्र पर रखे गए 33 ब्लॉक सह समन्वयक (एबीआरसी) का कार्यकाल पूरा हो चुका है, ऐसे में उन्हें पद से हटाया जाएगा और मूल तैनाती वाले विद्यालयों पर भेजा जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों के पठन पाठन के अनुश्रवण व नई तैनाती वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने हर बीआरसी पर पांच-पांच शिक्षकों को एबीआरसी बनाकर तैनाती दी थी। इन शिक्षकों के जिम्मे विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट बनाना था, इसके साथ ही विद्यालयों के हेडमास्टरों की समस्याओं का निदान करना था। वर्ष 2011 में शासन के निर्देश पर डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में एक चयन समिति का गठन किया गया था। जिसमें परीक्षा के माध्यम से 33 शिक्षकों का चयन एबीआरसी के रूप में किया गया था।
अन्य 12 पद रिक्त रह गए थे। एबीआरसी को विद्यालयों के अनुश्रवण के दौरान भत्ता आदि भी मिलता था। छह साल का कार्यकाल 31 मार्च को पूरा हो गया, पर विभागीय लापरवाही के कारण अभी इन्हें मूल तैनाती वाले विद्यालयों पर नहीं भेजा गया। मामले की जानकारी मिलते ही चयन समिति के अध्यक्ष/ डायट प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल ने संबंधित पटल सहायक से पत्रावली तलब कर ली।
पत्रावली के अवलोकन के बाद 33 एबीआरसी को मूल तैनाती वाले विद्यालयों पर भेज दिया जाएगा। चयन समिति के अध्यक्ष और डायट प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि 31 मार्च को एबीआरसी का कार्यकाल पूरा हो चुका है। संबंधित पटल सहायक ने सूचना देने में देरी की। उससे जवाब तलब किया गया है। इन एबीआरसी को उनके मूल विद्यालय पर भेजा जाएगा। इसके साथ ही एबीआरसी की पत्रावली मिलते ही शासनादेश के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।