विद्युतकर्मियों का बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू
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अधीक्षण अभियंता के व्यवहार से नाराज हैं कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। बैठक में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का अधीक्षण अभियंता पर आरोप लगाते हुए विद्युतकर्मियों ने राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने कहा कि जब तक अधीक्षण अभियंता लिखित रूप से माफी नहीं मांग लेते हैं, तब तक आंदोलन चलता रहेगा।
अवर अभियंता सहित अन्य विद्युतकर्मी सुबह 10 बजे अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। संगठन के जिलाध्यक्ष संजय यादव ने कहा कि आठ जनवरी को अधीक्षण अभियंता अवर अभियंताओं के साथ बैठक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज पर उतर गए। इसके विरोध में यह धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। सचिव धनंजय सिंह ने कहा कि अधीक्षण अभियंता का व्यवहार मातहतों के प्रति ठीक नहीं है। ऐसे में उनके साथ काम कर पाना संभव नहीं है। वह लिखित रूप से माफी मांगे अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान धर्मेंद्र अग्रवाल, राम सुधार, पीसी वर्मा, अनिल श्रीवास्तव, केएल यादव, दीनानाथ मिश्र, शाहिद अंसारी, वीके शुक्ला आदि अवर अभियंता मौजूद रहे।
अवर अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
संतकबीरनगर। विद्युत वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता राजीव चतुर्वेदी ने बयान जारी कर कहा कि कुछ लोगों ने उनके ऊपर अभ्रद भाषा का प्रयोग का आरोप लगाया है, जो निराधार है। तथ्यों को छिपाकर बगैर नोटिस दिए धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है जो अनुशानहीनता की श्रेणी में आता है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत संविदा कर्मियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली पर चर्चा की जा रही थी तो अभिलेखों को देखने से ज्ञात हुआ कि सन्नी देओल प्रताप अवर अभियंता द्वारा जून 2018 के बीजक में 33/11 केवी निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र को आवंटित संविदा कर्मियों का भुगतान उपकेंद्र पर कार्य करते हुए संविदाकार को दिलाया गया, जबकि अब तक उपकेंद्र ऊर्जीकृत नहीं हुआ है। इसी प्रकार अन्य उपकेंद्रों पर जो उपस्थिति माह जुलाई 2018 में उपलब्ध कराई गई थी, उससे भी अधिक संविदा कर्मियों का भुगतान हेतु अवर अभियंताओं द्वारा मापन किया गया है, लेकिन भ्रम फैलाकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।