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बाढ़ से घिरे लोग

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चारों तरफ पानी ही पानी, मुश्किल में जान
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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा, आठ गांवों के लोग अपने घरों में कैद
प्रशासन अब तक नहीं पहुंचा पाया राहत सामग्री, छोटी नाव लगाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। पिछले अड़तालिस घंटे में घाघरा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्वि होने से धनघटा तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। शुक्रवार की दोपहर बाद तक नाव नहीं मिलने के कारण लोग घरों से निकल नहीं पाए। बाढ़ का पानी इन गांवों में जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बहने लगा है। विद्यालयों में भी पानी भर गया है। दोपहर बाद पहुंचे एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों को बाहर निकालने के लिए छह छोटी नाव का प्रबंध कराया। लेखपाल को समय से सूचना नहीं देने पर फटकार लगाई।
धनघटा तहसील क्षेत्र के एमबीडी बांध और घाघरा नदी के बीच बसे गांव कंचनपुर, करनपुर, गायघाट, कटहा, ढोलबजा, भौंवापार, गुनवतिया, सुअरहा, सियाराम अधीन सिंह, सियरकला, सरैया, खरकपुर, सियरकला, दौलतपुर के चारों तरफ बाढ़ का पानी पहले से ही भरा हुआ था। बुधवार से नदी के जल स्तर में बढ़ोत्तरी शुरू हुई तो बृहस्पतिवार की सुबह इन गांवों के भीतर भी पानी घुस गया। इन गांवो के लोगों के लिए सुरक्षित जगह केवल एमबीडी बांध ही बचा है, लेकिन नाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग शुक्रवार के दोपहर तक अपने घरों में कैद रहे।
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बाढ़ के चलते गांव में फंसे सेतुभान, कोदई, रामसुरेश मौर्य, रामशंकर यादव, अछैबर, प्रभुनाथ, राजमन, रामकुमार आदि का कहना है कि तिघरा और दौलतपुर मार्ग पर पानी भर जाने के कारण घर सें निकलकर बंधे तक जाना संभव नहीं है। गांव के लोग एसडीएम से संपर्क किए तो शाम को छह छोटी नाव लगाई गई है। गांव वालों ने बताया कि यही स्थिति रही तो शनिवार को किसी तरह से गांव छोड़कर बाहर निकलना पड़ेगा।
सिंचाई विभाग के जेई मनोज त्रिपाठी ने बताया कि घाघरा का जल स्तर तुर्कवलिया में खतरे के निशान से उपर पहुंच गया है। बांध की सुरक्षा के लिए प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम बाबूराम ने बताया कि अभी छह नावें लगाई गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए बार बार कहा जा रहा है। बाढ़ शरणालय में लोगों के रहने व खाने का इंतजाम कराया जा रहा है।

मवेशी नहालते समय किसान की डूबनेे से मौत
हैंसर। शुक्रवार की शाम को भैंस नहालते समय क्षेत्र के नेतवापुर गांव निवासी किसान तालाब में डूब गया। उन्हें डूबते देख साथी चरवाहों ने शोर मचाना शुरू कर दिया तो आसपास के लोग पहुंच गए। जब तक लोग पहुंच कर उन्हें पानी से बाहर निकालें, तब तक मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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नेतवापुर गांव निवासी 58 वर्षीय विक्रम शुक्रवार को मवेशी चराने गांव के दक्षिण तरफ गए हुए थे। परिजनों का कहना है कि मवेशी को वह तालाब में नहला रहे थे, उसी समय फिसलकर गहरे पानी में चले गए। जब तक उन्हें पानी से बाहर निकाला गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एसओ धनघटा संतोष तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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