संतकबीरनगर। नवंबर में यातायात माह के तहत पुलिस प्रशासन लगातार वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रहा है, इसके बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। यातायात नियमों का पालन न करने की वजह से सड़क हादसे का ग्राफ बढ़ रहा है। सड़क हादसों में नशा, ओवरस्पीड व लापरवाही में 30 फीसदी जबकि हेलमेट व सीट बेल्ट न पहनने से 50 फीसदी लोगों की जान जा रही है। बाकी 20 फीसदी खराब सड़क व जानवर के चलते घटनाएं हो रही हैं।
इस वर्ष जनवरी से अक्तूबर माह तक जिले में हुए 233 हादसों में 122 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 131 लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए। 2023 में 323 दुर्घटना में 189 लोगों की मौत और 193 लोग घायल हुए।
वहीं 2022 में दुर्घटना का आंकड़ा 277 रहा। इनमें 155 लोगों की मौत और 169 लोग घायल हुए। इसी तरह वर्ष 2021 में दुर्घटना की संख्या 218 एवं मृतकों की संख्या 132 और घायलों की संख्या 156 रिकार्ड किया गया। आंकड़ों में सबसे चौकाने वाली बात यह सामने आई कि मरने वालों में सबसे ज्यादा दो पहिया वाहन चालक हैं। इनमें 20 से 40 वर्ष के युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। सड़क हादसों की समीक्षा में अधिकतर मौत हेलमेट न पहनने से सिर में लगी चोट से हुई है। कई वाहन चालकों द्वारा घटना के समय ओवरस्पीड़ होना भी पाया गया।
वहीं नशे के हालत में वाहन चलाने से हादसे होना पाया गया। इसके बावजूद हर दिन नियम को दरकिनार करने वालों का चालान भी कटता है। तमाम जागरूकता के बाद भी रोजाना आंखों के सामने लोगों को मौत के मुंह में जाते हुए देखने के बाद भी लोग नसीहत लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
24 ब्लैक स्पाट फिर भी नहीं रुक रहे हादसे : जनपद में 24 ब्लैक स्पाट चिह्नित हैं जहां पर ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। यहां पर संकेतक भी लगे हैं फिर भी हादसे नहीं रुक रहे हैं। इनमे कांटे, सरैया, टेमारहमत, दुर्गा मंदिर मगहर, भुवरिया, बुधाकला, खटियांवा, सिरसी, रैना पेपर मिल, नेदुला, भुजैनी, मेंहदावल बाईपास, डीघा बाईपास, मीरगंज, बनकटिया, नाथनगर, बंड़ा बाजार, धनघटा, प्रजापतिपुर, नेतवापुर, नंदौर, हावपुर भड़ारी, ढोढ़या और बेलहरकला में हादसों की संख्या ज्यादा होता है।