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शहर के 29 में से 27 एटीएम बंद

Fri, 05 May 2017 11:20 PM IST
संतकबीरनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
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एटीएम बंद - फोटो : अमर उजाला
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 कैश की किल्लत से फिर नोटबंदी जैसे हालात जिले में पैदा होने के आसार बढ़ गए है। शादी विवाह के सीजन में कैश की कमी से बैंकों में जहां लोगों को जरूरत के हिसाब से रकम नहीं मिल पा रही है, वहीं शुक्रवार को 29 में से 27 एटीम बंद रहे। वैसे  कैश की समस्या न हो, इसके लिए आरबीआई से 100 करोड़ की मांग की गई है।
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 शहर में स्थित कृषि विकास शाखा का एटीएम, यूको बैंक ऑफ इंडिया , इंडियन बैंक, आंध्रा बैंक, स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, मेंहदावल चौक के पास एसबीआई का एटीएम बंद रहा। जबकि एचडीएफसी और आईसीआईसीआई का एटीएम काम कर रहा था, जहां जरूरतमंद पहुंच कर रकम की निकासी करते देखे गए। उपभोक्ता अंकुर, अतुल और राघवेंद्र ने बताया कि शादी विवाह का सीजन है और बैंकों पर भी जरूरत के हिसाब से भुगतान देने में बैंक अधिकारी आना- कानी कर रहे है। इसके पीछे कैश की कमी बता रहे है। स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सहायक प्रबंधक पंकज सिंह ने बताया कि यह सच है कि जरूरत के हिसाब से आरबीआई से कैश नहीं मिल पा रहा है। प्रतिदिन यदि 50 से 60 लाख जमा होता है और दो करोड़ तक भुगतान होता है। ऐसे में भुगतान के अनुपात में मार्केट से धनराशि बैंक में जमा नहीं हो पा रही है। कैश नहीं मिलने से समस्या उत्पन्न हो गई। पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक वृज मोहिनी द्विवेदी ने बताया कि कैश की कमी हुई जरूर है लेकिन बैंक बंद किए जाने की स्थिति नहीं है। गुरुवार को एक करोड़ मिला था, इसमें से चार- पांच लाख के हिसाब से शाखाओं को भेजवा दिया गया है। उम्मीद है कि शनिवार को भी एक करोड़ मिल जाए। लीड बैंक प्रबंधक के जी तिवारी ने बताया कि करीब 12 दिनों से कैश की कमी उत्पन्न हुई है, लेकिन बैंक बंदी की स्थिति नहीं है। यह सच है कि कैश की कमी की वजह से शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक अधिकांश एटीएम बंद है। आरबीआई से 100 करोड़ की डिमांड की गई है। जल्द ही डिमांड कैश मिलने की उम्मीद है। उसके बाद समस्या दूर हो जाएगी।

एसबीआई में 15 दिनों से नकदी का संकट
 भारतीय स्टेट बैंक की नंदौर शाखा में 15 दिनों से नकदी का संकट बना हुआ है। एटीएम भी बंद है। लगन में सामानों की खरीदारी के लिए धन की जरूरत पूरी करने के लिए ग्रामीण बैंक का चक्कर लगा रहे है, लेकिन उन्हें नगदी नहीं मिल रही है। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।  बैंक पर नकदी लेने आए रामखेलावन, रामजतन, सुग्रीव, जोखन पांडेय, कलावती, रामदुलारी, कृपाशंकर ने कहा कि विगत 15 दिन से नोट बंदी की तरह फिर से नगदी की किल्लत हो गई है। बैंक से धन नहीं मिलने से शादी व रोजमर्रा की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। सामानों की खरीदारी के लिए धन नही मिलने से बेटी की शादी में दिक्कत आ ही है। कभी-कभार दो से चार हजार रुपये बैंक द्वारा दे दिया जा रहा है, इससे उनकी कोई भी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। बैंक में धन की समस्या इसी प्रकार से बनी रही तो लोग बीमारी और शादी के समय धन के लिए कहां जाएंगे। मजबूरन साहूकारों से उचे ब्याज पर रकम लेकर काम करना पड़ेगा। बैंक के ग्राहकों ने शिकायत किया है कि अपना जमा पैसा लेने के लिए बैंक में सुबह से ही लाइन लगानी पड़ती है, शाम होते-होते नगदी मिलने के बजाए निराशा ही हाथ लगती है। अब तो हालत यह है कि अब लोगो ने धीरे-धीरे बैंक में जाना ही कम कर दिया है। ग्रामीणों ने शादी के सीजन में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नकदी की किल्लत को दूर कराने के लिए जिलाधिकारी से मांग किया गया है।  शाखा प्रबंधक विनय अग्रवाल ने बताया कि इस समय नकदी की कुछ समस्या जरूर है, फिर भी ग्राहकों को धन मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है। विगत 15 दिन में ग्राहकों को दस लाख वितरित किया गया है।
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