आमी नदी के प्रदूषण पर बैठक में जताई गई चिंता
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मगहर। आमी नदी में बढ़ते प्रदूषण पर चर्चा के लिए बुधवार की शाम को कबीर चौरा परिसर में संत समाज व अन्य प्रबुद्घ लोगों की बैठक हुई। इस बैठक में आमी नदी के प्रदूषण के लिए औद्योगिक इकाईयों के प्रबंधन की मनमानी को जिम्मेदार बताते हुए उनके रवैया पर नाराजगी जताई गई। नदी को स्वच्छ बनाने के लिए फिर से आंदोलन की जरूरत बताई गई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे महंत विचारदास ने कहा कि इस क्षेत्र में चलने वाली औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषित जल से ही आमी नदी का जल भी प्रदूषित हो रहा है। इसका खामियाजा आसपास के रहने वाले लोगों के साथ-साथ पशु पक्षियों को भी भुगतना पड़ रहा है। नदी का जल फिरसे काला हो गया है। नदी की मछलियां मर रही हैं। दुर्गंध से कई जानलेवा बीमारियों के फैलने का अंदेशा बढ़ रहा है।
संत हरिशरण दास शास्त्री ने कहा कि बार-बार विरोध प्रदर्शन के बाद भी यहां का प्रशासन मौन बना हुआ है। स्वच्छता पर इतनी बातें करने वाली सरकार आमी नदी के जल के साथ अन्यायपूर्ण रवैया अपना रही है।
बैठक में तय किया गया कि आमी नदी को स्वच्छ बनाने के लिए अब संतों का आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रत्येक दिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को पत्र लिखकर विरोध जताया जायेगा।
इस मौके पर उदयनरायन राय, डॉ. अजय पांडेय, संत अरविंद दास शास्त्री, संत चंदनदास अयोध्या, रामशरण दास, विनोद दास, भक्ति दास, अमरजीत दास, अवधेश दास, रामशरण पुजारी, प्यारे दास आदि मौजूद रहे।