80 टीमें जिले में खोजेंगी टीबी के मरीज
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सात से 17 जनवरी तक चलेगा सक्रिय टीबी खोज अभियान
अभियान में शामिल टीमों का हुआ प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। वर्ष-2025 तक टीबी को जड़ से समाप्त करने के अभियान के तहत जिले में सक्रिय टीबी खोज अभियान चलाया जाएगा। सात से 17 जनवरी तक चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुल दो लाख व्यक्तियों से संपर्क कर उनमें से टीबी के मरीजों को चिह्नित कर उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी है। इसके लिए कुल 80 टीमें बनाई गई हैं। शुक्रवार को टीमों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि जिले के कुल नौ ब्लॉकों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए 80 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में कुल तीन सदस्य होंगे। जबकि 10 टीमों पर दो सुपरवाइजर व एक मेडिकल अफसर होंगे। ये टीमें आवंटित ब्लॉक में चिह्नित गांवों में जाकर टीबी से संक्रमित लोगों को खोजने का काम करेंगी, जो मरीज चिह्नित होंगे उन्हें दवा दी जाएगी। 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर दवाएं पहुंचा दी गई हैं। हर साल कुल चार चरण चलाने हैं। इनमें से एक चरण में कुल जनसंख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा कवर किया जा रहा है। यानी हर चरण में कुल दो लाख लोगों को कवर किया जाएगा। शुक्रवार को जिला क्षय रोग अस्पताल के साथ ही साथ विभिन्न केंद्रों पर अभियान में शामिल टीमों को प्रशिक्षित किया गया। इसमें जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनंद, एसटीएस बाबूराम चौधरी, एसटीएलएस राजेश कुमार, पीपीएम कविता पाठक आदि मौजूद रहीं।
अब तक 80 मरीज हुए हैं चिह्नित
इस अभियान के अब तक कुल तीन चरण चलाए जा चुके हैं। इस अभियान में कुल छह लाख जनसंख्या को कवर किया गया। 80 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन्हें आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। 500 रुपये मासिक पोषण भत्ता भी उनके खाते में भेजा जा रहा है।