नए सत्र से छात्र नामांकन भी बन सकती है चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर।
करीब दो माह बाद बेसिक शिक्षा विभाग को पूर्णकालिक बीएसए मिल गए। नए बीएसए ने शनिवार को कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। बीएसए के सामने फर्जी शिक्षकों की जांच, शिक्षकों का प्रमोशन, समायोजन और कर्मचारियों की समस्याओं से निबटना बड़ी चुनौती साबित होगी। जुलाई से नया सत्र शुरू होने जा रहा है, ऐसे में छात्र नामांकन बढ़ाना भी चुनौती बन सकती है।
मार्च में बीएसए गजराज यादव को एंटीकरप्शन टीम ने 20 हजार घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद डीआईओएस को बीएसए का चार्ज दे दिया। कुछ दिन तक डीआईओएस चार्ज पर रहे, पर वे भी स्थानांतरित हो गए तो खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद त्रिपाठी को चार्ज मिला। कुछ दिन बाद उन्होंने भी चार्ज छोड़ दिया। इसी दौरान कार्यालय में तैनात चारों लिपिक का स्थानांतरण अन्य जनपदों के लिए कर दिया गया।
लिपिक रिलीव भी हो गए। डीएम ने उसके बाद मेंहदावल के एसडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी को बीएसए का चार्ज दिया, तो वे प्रशासनिक तेवर में दिखे और विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने में लग गए। उन्होंने फर्जी शिक्षकों की जांच शुरू कराई, इसके साथ लापरवाह कई शिक्षकों का वेतन रोका और सूचना न देने पर खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोक दिया। अभी वे और कार्रवाई कर ही रहे थे कि इसी दौरान शासन से नए बीएसए अजीत कुमार की तैनाती हो गई। नए बीएसए के सामने फर्जी शिक्षकों की चल रही जांच प्रक्रिया को पूरी करना, नए सत्र में शिक्षकों का समायोजन करना, कार्यालय में लिपिकों की तैनाती कराना, एडेड विद्यालयों में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच कराना, शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य समेत अन्य कई समस्याएं है जिससे नए बीएसए को निपटना सबसे बड़ी चुनौती है।
बीएसए कार्यालय में चुनौतियां बहुत हैं। इससे क्रमबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। सबसे पहले कर्मचारियों की तैनाती कराई जाएगी। उसके बाद जो भी समस्याएं है उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लाकर उसे दूर किया जाएगा। नए सत्र से पहले सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा।
अजीत कुमार, बीएसए