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प्रधानमंत्री आवास के 200 लाभार्थियों की बदल गई जाति

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प्रधानमंत्री आवास के 200 लाभार्थियों की बदल गई जाति
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संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में बार-बार लक्ष्य घटने-बढ़ने से लाभार्थियों के चयन में दिक्कत खड़ी हो गई है। 21384 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक15317 लाभार्थियो का आवास स्वीकृत हो पाया है। जबकि 200 लाभार्थियों की जाति ही बदल गई। इसे ठीक कराने के लिए लाभार्थी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का पहले लक्ष्य 16000 आवास का था। बाद में लक्ष्य 21000 कर दिया गया। फिर लक्ष्य में परिवर्तन हुआ और घटकर 19000 हो गया। चौथी बार लक्ष्य में फिर परिवर्तन हुआ और अब 21384 हो गया है। बार-बार लक्ष्य में परिवर्तन से लाभार्थियों को आवास की स्वीकृति करने में दिक्कत हो रही है। आवास के आवंटन का जो आधार है, उसमें गांव के पात्रों की संख्या, मनरेगा में सृजित मानव दिवस एवं पूर्व में आवंटित आवासों की संख्या के आधार पर डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इसमें जिले स्तर से कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। निकायों के सीमा विस्तार होने और नवसृजित नगर पंचायतों की वजह से 40 ग्राम पंचायतों के करीब 1300 आवास का लक्ष्य शून्य कर दिया गया। यही वजह है कि बार-बार लक्ष्य में परिवर्तन करना पड़ा है। इधर कुछ गांवों के पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के करीब 200 लाभार्थियों की जाति का अंकन आवेदन करते दौरान गलत फीड हो जाने से उनकी जाति अनुसूचित जनजाति में बदल गई। बघौली क्षेत्र के जामडीह गांव के लोग ऐसी शिकायत लेकर परियोजना निदेेशक के पास पहुंचे थे, जिसे दुरुस्त करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया है।
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चहेतों को आवास दिलाने की कोशिश
25 दिसंबर को प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो गया। आठ एडीओ पंचायतों को नौ ब्लॉकों के 754 ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंप दिया गया है। पंचायत चुनाव की सरगर्मी में गांवों में जोर पकड़ रही है। पूर्व में आवास प्लस की वेबसाइट पर आवेदन करने वाले अपने चहेतों को आवास आवंटित कराने के लिए निर्वतमान प्रधान ब्लॉक से लेकर विकास भवन तक का चक्कर काट रहे हैं। जबकि आवास के पात्रों का चयन सीधे भारत सरकार के जरिए डिजिटलीकरण हो रहा है। ऐसे में चाहकर भी कोई गलत तरीके से आवास का आवंटन नहीं करा पाएगा।
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पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में 21384 का लक्ष्य निर्धारित है। यह सच है कि बार-बार लक्ष्य घटने-बढ़ने से आवास की स्वीकृति में परेशानी आ रही है। अब तक 15417 लाभार्थियों को आवास की स्वीकृति हो पाई है। 14624 लाभार्थियों के बैंक खाते का सत्यापन हो गया है। 4957 लाभार्थियों को आवास की पहली किस्त 40 हजार रुपये की उनके खाते में भेज दी गई है। 212 लाभार्थियों को दूसरी किस्त 70 हजार की दी गई है। सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि लक्ष्य के सापेक्ष आवासों का आवंटन जल्द सुनिश्चित करें, ताकि उनके खाते में रकम भेजी जा सकें। 200 लाभार्थियों की जो जाति बदल गई है, उसमें सुधार कराया जा रहा है।
प्रमोद यादव, परियोजना निदेशक डीआरडीए
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