संतकबीरनगर। कठिनइया नदी के असनहरा खास घाट पर पुल निर्माण के लिए 48 दिन से आंदोलन कर रहे लोगों का सब्र कभी भी टूट सकता है। प्रशासनिक उपेक्षा से आहत आंदोलनकारियों ने मंगलवार को शाम चार बजे जलसमाधि लेने की घोषणा कर दी है।
जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा के बैनर तले असनहरा घाट पर लोग धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस घाट पर पक्का पुल बनवाने के लिए पहले भी कई बार आंदोलन हो चुका है। प्रशासन ने यहां दो वर्ष पहले पुल निर्माण के लिए सहमति दी थी, लेकिन बाद में बजट आवंटित नहीं किया गया। जल सत्याग्रह/जल समाधि संघर्ष मोर्चा के संयोजक शैलेश कुमार राजभर का कहना है कि प्रशासन को कई बार मौका दिया जा चुका है, लेकिन लोगों की पीड़ा को कोई समझ नहीं आ रहा है। इस आंदोलन से जुड़े देवीशरण गौंड़ की मृत्यु के बाद भी अफसर मामले को दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
सरोजा राजभर ने कहा कि अब यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहीं बल्कि जनता का आंदोलन बन चुका है। हर दिन लोग आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। अगर प्रशासन ने जल्दी मामले का हल नहीं खोजा तो लड़ाई प्रदेश की राजनीतिक दिशा बदल देगी। जल सत्याग्रह/जलसमाधि संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष यशवंत उर्फ सिंटू चौधरी का कहना है कि 18 सितंबर को सुबह आठ बजे से सायंकाल चार बजे पुल निर्माण की मांग को लेकर कठिनइया नदी में जल सत्याग्रह होगा। प्रशासनिक अफसर नहीं पहुंचे तो शाम चार बजे वे जलसमाधि ले लेंगे। इस अवसर पर राममिलन, रामदीन राजभर, सुखराम, रामतिलक, कोमल, रामसुमिरन, रामसूरत, केवला देवी, शोभा देवी, अनारा देवी, रामकेश, करमावती, सुदामा देवी आदि हजारो लोग उपस्थित रहे।
आंदोलनकारियों से होगी वार्ता
असनहरा घाट पर पुल निर्माण की मांग को लेकर उग्र हो रहे आंदोलन के संबंध में प्रभारी डीएम/एडीएम रणविजय सिंह का कहना है कि धरना समाप्त कराने का प्रयास हो रहा है। वे आंदोलन स्थल पर जाकर आंदोलनकारियों से वार्ता करेंगे। जल्दी ही मामले का हल निकाला जाएगा।