संतकबीरनगर। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार जहंा गंभीर है और प्रतिदिन नए नए निर्देश जारी कर रही है। वहीं जिले का संयुक्त जिला चिकित्सालय चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे मरीज प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराने को लेकर मजबूर है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों के 32 पद स्वीकृत हैं, जिसमे से चार चिकित्सक दो साल पूर्व पुलिस भर्ती में घूस लेते पकड़े गए थे, जिसके बाद उन्हे निलंबित कर दिया गया। उक्त चिकित्सक तब से बहाल नहीं हुए और उन्होंने अस्पताल आना छोड़ दिया। इसके बाद एक वर्ष पूर्व तीन चिकित्सकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अस्पताल छोड़ कर चले गए। अस्पताल में नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ के चिकित्सक नहीं है। उनका कक्ष खाली रहता है। मरीज कक्ष तक जाते हैं और फिर चिकित्सक के न रहने पर वापस लौट जाते हैं। बेेहोशी के मात्र एक चिकित्सक तैनात हैं। जबकि दो होने चाहिए। इसके साथ जनपद में मात्र एक सर्जन तैनात हैं। चिकित्सकों की कमी से अस्पताल में आने वाले मरीज हलकान है। अस्पताल आए मरीज नाथनगर निवासी रामसुमेर का कहना है कि उनके कान में काफी दर्द हो रहा है। अस्पताल में आए थे पर चिकित्सक नहीं हैं। बखिरा कस्बे से आए दीनबंधु शुक्ल ने बताया कि गले में कुछ दिक्कत है, चिकित्सक नहीं मिले। दुकान से किसी तरह से दवा लिया है तब जाकर गले में राहत मिली है। सीएमएस डॉक्टर गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सकों की कमी है, जिसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। वैसे मरीजों को हर संभव मदद देने की कोशिश होती है।
प्रधान समेत पांच लोगों पर बिजली चोरी का केस दर्ज
धर्मसिंहवा। बकाए में कनेक्शन काट दिए जाने के बाद दुबारा जोड़ने पर पुलिस ने एक प्रधान समेत पांच लोगों पर मंगलवार को विद्युत चोरी का केस दर्ज किया। थानाध्यक्ष धर्मसिंहवा मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अधिशासी अभियंता मिथिलेश कुमार साह के तहरीर देकर आरोप लगाया हैं कि रैधरपार निवासी एवं प्रधान जसराम पुत्र हरिश्चंद्र का 78037 रुपये, इसी गांव के विश्वंरनाथ पुत्र उदय राज पर 62160 रुपये, धनई गौड़ पुत्र गिरधारी का 41375 रुपये, रामदेव पुत्र प्यारे का 80717 रुपये और बालमुकुंद उपाध्याय पुत्र धनपति का 42546 रुपये बिल बकाया होने के कारण कुछ दिन पूर्व बिजली कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद जांच की गई तो यह लोग बिना बिल जमा किए ही कनेक्शन जोड़ा हुआ पाया गया। इसी मामले में इन पर मुकदमा दर्ज किया गया है।