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172 भेड़ें मरीं, राप्ती नदी में फेंकी गई

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172 भेड़ें मरीं, राप्ती नदी में फेंकी गई - फोटो : अमर उजाला
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मेंहदावल(संतकबीरनगर)। ग्राम तिवारीपुर स्थित राप्ती नदी के किनारे भेड़ों के झुंड की मौत से पालकों में हडकंप मच गया। सूचना के बाद भी पशु चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचे। काफी शोर-शराबा के बाद शुक्रवार को तीन पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और कुछ भेड़ों का पोस्टमार्टम करते हुए शरीर के कई अंगों को जांच के लिए सुरक्षित रखा। सूचना पर एसडीएम भी पहुंचे और घटना के बावत जानकारी ली। पोस्टमार्टम के बाद सभी भेड़ों का शव राप्ती नदी में फेंक दिया गया। 
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मेंहदावल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पेडारीकलां के टोला सिंगरहट निवासी भेड़ पालक चंद्रशेखर, भगौती व रामवृक्ष भेड़ों को चारा-पानी के लिए बौधरा ताल ले गए थे। बृहस्पतिवार की देर शाम भेड़ों को लेकर राप्ती नदी के किनारे स्थित ग्राम तिवारीपुर पहुंचे। यहां अपना डेरा बनाते हुए भेड़ों को नदी के किनारे रोक दिया। भेड़ पालक चंद्रशेखर ने बताया कि भेड़ों को चराकर जब यहां ले आए तब वे ठीक थीं। देर शाम कुछ भेड़ गिरने लगीं। इसकी सूचना गांव वालों के जरिए पशु चिकित्सक बढ़या ठाठर को दिया गया। सुबह होते-होते 172 भेड़ों की मौत हो गई। इसकी सूचना के बाद भी पशु चिकित्सक मौके पर नहीं आए। जब क्षेत्र के कई लोगों ने लगातार मोबाइल पर सूचना दी तब सुबह करीब 11 बजे तीन डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सक एके शाही, डॉ. श्रवण कुमार, विमलेंद्र भट्ट व फार्मासिस्ट हीरालाल यादव, राधेकृष्ण, अखिलेश के साथ मौके पर पहुंचे और मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया। मौत के कारणों की जांच के लिए भेड़ों के शरीर के कई अंगों को सुरक्षित किया। चंद्रशेखर की 52, भगौती की 55 व रामवृक्ष की 65 भेड़ों की मौत हुई है। भेड़ों की मौत की सूचना पर एसडीएम जसधीर सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे और पशु चिकित्सकों से जानकारी ली।  पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि भेड़ों की मौत की सूचना पर तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम मौके पर गई थी। प्रथम दृष्टया भेड़ों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुआ प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम करते हुए उनके वाइटल आर्गन जैसे लीबर, किडनी व शरीर के अन्य अंगों को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है, जिसे आगरा स्थित जांच केंद्र भेजा जाएगा।
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