इटौवा में कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
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धनघटा। नाथनगर के इटौवा गांव में महर्षि वशिष्ठ सेवा संस्थान एवं राष्ट्रीय कवि संगम गोरक्ष प्रांत के संयुक्त तत्वाधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कवियों ने कविताओं के माध्यम से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
रायबरेली से आए डॉ. पीयूष मिश्र पीयूष ने हरियाली का आना तय है, पतझड़ में यौवन देखा है, कोई देखे हिन्दू-मुस्लिम, हमने एक वतन देखा सुनाया। सिद्धार्थनगर के डॉ. सुशील श्रीवास्तव सागर ने आज गर्दिश में हूं कल मैं भी सवर जाऊंगा, कौन कहता है तेरे प्यार में मर जाऊंगा सुनाया। बस्ती के जयदीप पांडेय ने रंग सुनहरा, नाजुक चेहरा, होठो पर मुस्कान लिए, लाखों परियों में दिखती है एक अलग पहचान लिए सुनाया। कवि राकेश राही ने श्याम राधा तेरी इक नजर चाहिए, याद आये हमे वो हर पहर चाहिए की प्रस्तुति दी। मशहूर कवि राजेश मिश्र राज ने पाप की लंका से उठे अग्नि की ज्वाला, तुम राम हो तो भेजते हनुमान क्यों नहीं सुनाकर वाहवाही लूटी। सम्मेलन में कवि डॉ. विकास भट्ट कामिल, कपिलदेव तिवारी, केदारनाथ मिश्र, संतोष प्रतापगढी के अलावा अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। सम्मेलन का उद्घाटन विधायक श्रीराम चौहान ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कपिलदेव तिवारी तथा संचालन राजेश कुमार मिश्र राज ने किया। इस मौके पर अखिलेश मिश्र, राजेश पाण्डेय, नरेंद्र कुमार, सर्वेश सिंह, डॉ. राजेश सिंह, सिद्धार्थ मिश्र, विन्ध्यांचल मिश्र आदि लोग मौजूद रहे।